इन प्रदर्शनकारियों ने कहा- भाजपा को वोट देकर हमने गलती की, हम रोजाना प्रदर्शन करने को मजबूर

इन प्रदर्शनकारियों ने कहा- भाजपा को वोट देकर हमने गलती की, हम रोजाना प्रदर्शन करने को मजबूर

sanjay sharma | Publish: Sep, 12 2018 06:15:46 PM (IST) Meerut, Uttar Pradesh, India

कोटेदारों की सप्ताहभर से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल

मेरठ। मेरठ कमिश्नरी में कोटेदारों ने जोरदार प्रदर्शन कर भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कोटेदारों की मांग थी कि उन पर डोरस्टेप डिलीवरी में घांधली के दर्ज मुकदमें वापस लिए जाए। बताते चले कि विगत पांच सितंबर से कोटेदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। आरोप लगाया कि शासन कोटेदारों के साथ एकतरफा कार्रवाई कर रहा है, जिससे कोटेदारों में रोष है। इसको लेकर शहर के कई थानों में कोटेदारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। इन एफआईआर में किसी में तो खाद्यान का जिक्र है तो किसी में नहीं है।

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कोटेदारों ने रखी यह मांग

आरोप लगाए कि जब कोटेदारों के लिए वर्ष 2017 में नगरीय क्षेत्र में ईपीओएएस मशीन प्रयोग के लिए उपलब्ध कराई गई तो नगरीय क्षेत्र में जनपद स्तर पर एक तकनीक सहायक मशीन के रखरखाव के लिए नियुक्त किया गया था। ऐसी स्थिति में कोटेदार दुकानदार को दोषी ठहराना कहां तक उचित है। कोटेदारों ने आरोप लगाए कि सभी कमी एनआईसी के सिस्टम की है। प्रदर्शन कर रहे कोटेदारों ने मांग की कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अगर कोटेदार द्वारा गड़बड़ी की जाती है तो उससे रिकवरी कर दुकान चलाने की अनुमति दी जाए। जिससे सरकार की क्षति पूर्ति हो सके। कोटेदारों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाए। कोटेदारों ने सरकार को देने वाले लाभांश को बढ़ाने की मांग की। अभी तक यह लाभांश 70 रूपये प्रति कुंतल है। कोटेदारों ने इस लाभांश को 200 रूपये प्रति कुंतल देने की बात कही।

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भाजपा को वोट देकर प्रदर्शन कर रहे

प्रदर्शन कर रहे कोटेदारों ने आरोप लगाया कि भाजपा को उन्होंने इसलिए वोट नहीं दिया था कि उन्हें रोज-रोज इसी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़े जिसे उन्हीं की वोट से सत्ता हासिल हुई हो। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। कोटेदारों का कहना था कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो मजबूरन उन्हें बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं भाजपा सरकार की होगी।

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