जेलर को ठिकाने लगाने को बदमाशों ने किया ये काम

जेलर को ठिकाने लगाने को बदमाशों ने किया ये काम
meerut jail

sandeep tomar | Publish: Dec, 29 2016 05:14:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

जेलर के कारनामों से घरबराए बदमाशों ने जेलर को ठिकाने लगाने का प्लान बना डाला है

मेरठ। मेरठ की चौधरी चरण सिंह जिला जेल के जेलर संतलाल यादव को जान का खतरा महसूस हो रहा है। जेलर का कहना है कि जेल के सभी कुख्यात बदमाश एक हो गए हैं। जब से जेलर ने जेल में 15 मोबाइल जैमर लगवाए हैं तब से बदमाशों का मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त हो गया है। अब बदमाश जेलर को ठिकाने लगाने की फिराक में हैं। यादव ने आगरा, मेरठ जेल में बंद दर्जनभर कुख्यातों और उनके गुर्गों से खतरा बताते हुए शासन से सुरक्षा मांगी है।

आगरा में मिली थी धमकी

वरिष्ठ जेल अधीक्षक संतलाल यादव के मुताबिक, मेरठ जेल में रोहटा का मोनू जाट, कसेरूबक्सर का कपिल, बिजनौर का कपिल कटारिया, निगम त्यागी, देवेश त्यागी, अमित, बेगपाल समेत दर्जनभर से ज्यादा बड़े बदमाश हैं। लखनऊ जेल में बंद ऊधम सिंह और सिद्धार्थनगर जेल में बंद योगेश भदौड़ा गैंग के गुर्गे भी मेरठ जेल में बंद हैं। जेल अधीक्षक ने बताया आगरा जेल में तैनाती के दौरान पारस गैंग के बदमाशों ने उन्हें धमकी दी थी।

इस गैंग का नेटवर्क मेरठ तक फैला है। शासन में उच्चधिकारियों को भेजे पत्र में वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने हवाला दिया है बदमाशों के गैंग आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसे में उन्हें और पूरे परिवार को सुरक्षा दी जाए। खुफिया विभाग के अफसरों ने जेल पहुंचकर अधीक्षक से पूरी स्थिति जानी है।

वेस्ट यूपी में फैला है पारस गैंग

पारस गैंग के मुखिया की दिल्ली में कस्टडी में मौत होने के बाद गैंग की कमान विनोद उर्फ दादा निवासी झज्जर हरियाणा, राजेश उर्फ शेट्टी निवासी दुवेटा सोनीपत और राहुल डवास के पास आ गई थी। यह गैंग रंगदारी, फिरौती और हत्याओं को अंजाम देता है। व्यापारी, डॉक्टर इस गैंग के निशाने पर रहे हैं। गैंग का नेटवर्क वेस्टयूपी में मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा आदि जिलों में फैला हुआ है। इस गैंग के पांच बदमाश आगरा जेल में बंद हैं। आगरा में जेल अधीक्षक रहने के दौरान संतलाल यादव को इसी गैंग ने कई बार धमकी दी।

जेल में होते रहे हैं हमले

— 18 अप्रैल 2012 को बंदियों ने कैंटीन में आग लगा दी थी। इसके बाद बंदियों और बंदीरक्षकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें जेल उप अक्षीधक समेत कई बंदीरक्षक घायल हो गए थे।

— 2007 में आगरा से डीआईजी (जेल) एमएल प्रकाश सौ से ज्यादा बंदीरक्षकों के साथ मेरठ जेल छापा मारने आए थे। बंदियों ने हमला बोल दिया।डीआईजी समेत तीन दर्जन से भी ज्यादा जेलकर्मी घायल हुए थे।

— मेरठ जेल में बंद अपराधियों के गुर्गे, जेल के डॉक्टर हरपाल सिंह, डिप्टी जेलर नरेंद्र द्विवेदी समेत आधा दर्जन बंदीरक्षकों को मौत के घाट उतार चुके हैं। कई बार यहां जेल में हालात तनावपूर्ण हो चुके हैं।

क्या कहते हैं जेलर

कुछ बदमाशों से मुझे जान का खतरा है। शासन में उच्चधिकारियों को इस बारे में पत्र भेजकर सुरक्षा मांगी है। पत्र में बदमाशों के नाम भी उजागर किए हैं।
- संतलाल यादव, वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ
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