आवारा कुत्तों से परेशान हाे गए महानगरवासी, सरकार से लगाई गुहार

  • महानगर के हर गली-मोहल्लों में आवारा कुत्तों का कब्जा
  • राह चलते लोगों और बच्चों को बनाते हैं अपना निशाना
  • कागजों में चलता है निगम का कुत्ता पकड़ों अभियान

By: shivmani tyagi

Updated: 27 Feb 2021, 01:59 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

मेरठ. महानगर के लोगों काे इन दिनाें कुत्तों का डर सता रहा है। हालात ऐसे हैं कि गली-मोहल्लों और सड़कों पर पैदल या दुपहियां वाहनों पर चलते हुए भी घबरा रहे हैं। बच्चे घरों से बाहर निकलकर खेल नहीं पाते हैं और सुबह शाम सैर करने के लोग हाथ में डांडा लेकर चलने को मजबूर हैं। इसका कारण वो आवारा कुत्तें हैं जिनका आतंक पिछले काफी सालों से महानगर ही नहीं गांव देहात तक में है। मेरठ में काेई दिन ऐसा नहीं जाता जब काेई बालक या व्यक्ति डॉग बाइट का शिकार ना हाे।

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लोगों के अनुसार उन्हाेंने कई बार इसकी शिकायत निगम में की लेकिन इसका कोई भी समाधान नहीं निकला हालांकि निगम के अभियान समय-'समय पर चलते रहते हैंं लेकिन ये अभियान कागजी ही रह गया। इन खूंखार हो रहे कुत्तों से निजात पाने का कोई समाधान आज तक नहीं हो पा रहा। बीते दिवस भी ब्रहमपुरी में सूरज की चक्की के पास आधा दर्जन से अधिक लोगों को ये आवारा कुत्तों ने हमला किया था। जिला अस्पताल के रिकार्ड के मुताबिक प्रतिदिन मेरठ में आवारा कुत्ते के 70—90 लोग शिकार होकर इंजेक्शन लगवाने आते हैं।

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ब्रहमपुरी के शिव कुमार त्यागी ने बताया कि क्षेत्र में इन कुत्तों के समाधान के लिए कई बार निगम में शिकायत दर्ज करवाई गई है लेकिन आज तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यदि इन आवारा कुत्तों को गली-मोहल्ले से बाहर निकालने का प्रयास किया गया लेकिन ये फिर यहीं आ जाते हैं। लोग इन कुत्तों से इतना डर चुके हैं कि घर से निकलते वक्त हाथ में डंडा लेकर चलना पड़ता है। कई बार तो आवारा कुत्ते उनकी गाड़ियों के ऊपर ही बैठे रहते हैं और गाड़ी का दरवाजा खोलने या उन्हें भगाने की कोशिश करने पर उनके ऊपर ही हमला कर देते हैं। बीते दिवस सुबह घूमने निकले एक बुजुर्ग व्यक्ति पर कुत्तों ने हमला कर दिया। कुत्तों के काटने से पैर में गहरा जख्म हो गया है। जख्मी व्यक्ति अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया।

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