यूपी के मंत्री सुरेश राणा और विधायक संगीत सोम के खिलाफ दर्ज दंगे के मुकदमे वापस

Highlights
- मेरठ के संगीत सोम और सुरेश राणा पर दर्ज केस भी वापस
- स्पेशल कोर्ट ने केस वापस लेने पर दी रजामंदी
- 2013 में मुजफ्फरनगर में हुआ था कवाल कांड

By: lokesh verma

Published: 27 Mar 2021, 11:30 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाले और राजनीतिक दलों की दिशा बदलने वाले कवाल कांड के 11 मुख्य आरोपियों से मुकदमा वापस लिया जाएगा। बता दें कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा, सरधना विधायक संगीत सोम और पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह आदि के विरूद्ध एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में भड़काऊ भाषण देने के मुकदमे चल रहे थे। अब स्पेशल कोर्ट ने केस वापस लेने के लिए अपनी सहमति दे दी है।

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मुजफ्फरनगर में 2013 कवाल कांड में दंगा भड़काने का मामले में बीजेपी विधायक, मंत्री के ऊपर दर्ज मुकदमा वापस होगा। ये मुकदमे मेरठ सरधना क्षेत्र से विधायक संगीत सोम, प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा और पूर्व सांसद भरतेंद्र सिंह आदि के खिलाफ दर्ज थे। इन पर कबाल हत्याकांड पर पंचायत में भाषण, महापंचायत में दंगे के लिए जनता को उकसाया जैसे आरोप शामिल थे। शासन से हामी के बाद कोर्ट ने भी अब मुकदमा वापसी की सहमति प्रदान कर दी है। स्पेशल कोर्ट ने केस वापस लेने पर रजामंदी दी है।

बता दें कि 7 सितंबर 2013 को नगला मंदोड़ में पंचायत हुई थी, जिसमें संगीत सोम, सुरेश राणा, साध्वी प्राची, कुंवर भारतेंद्र सिंह सहित 11 लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। केस वापसी पर भाजपा विधायक संगीत सोम का कहना है कि दर्ज मुकदमे राजनीति से प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने एक वर्ग विशेष को खुश करने के लिए ये मुकदमे उनके ऊपर लगवाए थे। जिसे अदालत ने भी नकार दिया है। उन्होंने कहा कि अदालत का आदेश उन्हें मंजूर है। वहीं गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने भी मुकदमा वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि तत्कालीन सपा सरकार ने राजनीतिक साजिश के तहत ये मुकदमे दर्ज कराए थे।

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