ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने को जीपीएस से जुड़ेगे टैंकर

परिवहन विभाग के अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी जिन टैंकरों oxygen tanker में नहीं लगे जीपीएस उनमें लगाए जाएंगे फोटोग्राफी और वीडियो क्लिप बनाकर भेजी जाएगी

By: shivmani tyagi

Updated: 07 May 2021, 11:45 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ ( meerut news ) . कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने के लिए एक और पहल सरकार की ओर से की गई है। अब ऑक्सीजन लाने और ले जाने वाले सभी टैंकरों oxygen tankers में जीपीएस लगाए जाएंगे। इससे टैंकर की लोकेशन का पता चलता रहेगा और टैंकर पर पल-पल नजर रखी जा सकेगी। परिवहन विभाग को इसका जिम्मा सौंपा गया है।

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परिवहन विभाग ऑक्सीजन oxygen लाने और ले जाने वाले सभी टैंकरों में जीपीएस लगवाने की व्यवस्था करेगा। जिन टैंकरों में जीपीएस नहीं लगे हैं उनमे जीपीएस लगाकर चेक कर उसकी फोटोग्राफी और वीडियो क्लिप बनाकर मुख्यालय और प्रशासन को भेजी जाएंगी। परिवहन कार्यालय यह भी सुनिश्चित करेगा कि जिले में पंजीकृत ऑक्सीजन टैंकरों में जीपीएस लगे हैं या नहीं। इसकी जांच परिवहन विभाग को करने का निर्देश दिया गया है। इसकी रिपोर्ट तीन दिन के भीतर परिवहन विभाग को मुख्यालय भेजनी होगी। तीन दिन का मौका इसलिए दिया गया है कि ऑक्सीजन टैंकर जनपद से बाहर हों तो उनमें भी आते ही लगा दिया जाए।

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वैश्विक महामारी कोराना संक्रमण तेजी से फैलने के साथ बीमार लोगों को ऑक्सीजन अधिक जरूरत पड़ रही है। अधिक मांग के चलते कुछ लोग ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने के साथ अधिक दामों पर बेच रहे हैं। इसमें ऑक्सीजन प्लांट और अस्पताल संचालक तक शामिल हैं। जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद ऑक्सीजन की कालाबाजारी बंद नहीं हो रही है। परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया हैं कि जनपद में पंजीकृत सभी ऑक्सीजन टैंकर में जीपीएस लगवाना सुनिश्चित करें। पंजीकृत ऑक्सीजन टैंकर का स्थलीय निरीक्षण कर देखें कि उसमें जीपीएस लगा है या नहीं। यदि जीपीएस नहीं लगा है तो उसे तत्काल संचालक से लगवाकर रिपोर्ट प्रेषित करें। आपदा काल में इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। एआरटीओ श्वेता वर्मा ने बताया कि जनपद में पंजीकृत टैंकर जीपीएस की जांच की जाएगी। अगर उसमें जीपीएस नहीं लगा है तो लगवाकर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।

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