एक महीने से लापता संप्रदाय विशेष की युवती के फेसबुक पर एक्टिव होते ही पुलिस ने ढूंढ निकाला

23 जून को घर से लापता हो गई थी युवती, राजस्थान के एक होटल में नौकरी करती मिली

By: lokesh verma

Published: 31 Jul 2021, 11:37 AM IST

मेरठ. जिस युवती की तलाश में गत 23 जून से मेरठ की पुलिस जगह-जगह की खाक छान रही थी। वह राजस्थान के एक होटल में नौकरी करती मिली। संप्रदाय विशेष की युवती फेसबुक पर एक्टिव हुई तो उसकी जानकारी पुलिस को लग गई। इसके बाद पुलिस ने युवती की लोकेशन ट्रेस की और उसे राजस्थान के एक होटल से बरामद कर लिया गया। मामला थाना पल्लवपुरम क्षेत्र का है। जहां संप्रदाय विशेष की युवती गत 23 जून को लापता हो गई थी। युवती अपनी बुआ के पास रहती थी। बुआ ने थाने में युवती के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती की तलाश में तब से ही पुलिस लगी हुई थी।

पल्लवपुरम इंस्पेक्टर देवेश शर्मा ने बताया कि सरधना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी संप्रदाय विशेष की एक युवती अपनी बुआ के साथ पल्लवपुरम फेज-वन दो की डबल स्टोरी में रहती थी। गत 23 जून को युवती के संदिग्ध परिस्थिति में लापता होने पर ही बुआ ने थाने में तहरीर दी थी, जिसमें उसने भतीजी के कहीं जाने की बात कही थी। थाना पुलिस ने युवती की गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, मगर पता नहीं चला। उन्होंने बताया कि युवती ने यहां से जाने के बाद नया सिम नंबर लिया और अपनी आइडी पर फेसबुक चालू कर दी। फेसबुक की प्रोफाइल में युवती ने अपना फोटा लगाया। एक दो लोगों के साथ फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में युवती जुड़ गई। जिन लोगों के साथ युवती फेसबुक फ्रेंड बनाए, वह लोग उसके परिजन और बुआ को जानते थे।

उन्होंने पीड़ित परिजनों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को भी युवती की फेसबुक चालू होने की सूचना दी गई। पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से जिस फेसबुक आइडी पर नंबर चालू था, उसे निकलवाया तो वह राजस्थान का था। पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया। दो दिन पूर्व युवती की लोकेशन राजस्थान के जयपुर में एक रेस्टोरेंट की मिली। इंस्पेक्टर ने कहा कि पुलिस युवती को बरामद कर लाई, मगर युवती ने अपनी बुआ और परिजनों के साथ जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने युवती को आशा ज्योति केंद्र भेजा है।

lokesh verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned