वेटिंलेटर पर पड़े दारोगा को बचाने के लिए एकजुट हुआ थाना, एक दिन में जुटा दिए इतने लाख

Highlights

-साथी दारोगा की जान बचाने के लिए आगे आई खाकी

-परिजनों की आर्थिक मदद के लिए बढ़ाए हाथ

-अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा दरोगा

By: Rahul Chauhan

Published: 20 Oct 2020, 12:13 PM IST

मेरठ। लॉकडाउन के दौरान पुलिस के मानवीय चेहरे की कई तस्वीरे और घटनाएं सामने आई। लाकडाउन के बाद से पुलिस ने लोगों के दिल में अपनी जगह बना ली है। इसी का एक और मानवीय चेहरा सामने आया। जब इस खाकी ने अपने ही महकमे के एक दारोगा की जान बचाने के लिए एकजुटता दिखाई और बीमार दारोगा के परिजनों के लिए लाखों का चंदा एकत्र कर दिया। ये किस्सा है जिले के थाना गंगानगर का। जहां पर तैनात एक दारोगा के इलाज में डाक्‍टर ने काफी खर्च बताया तो पुलिसकर्मियों ने इलाज के लिए चंदा जुटाना शुरू कर दिया। जिससे दारोगा का इलाज हो सके और उसकी जान बच सके।

दरअसल,गंगानगर थाने पर तैनात दारोगा संजीव कुमार को कुछ दिन पहले फेफडों और लिवर में संक्रमण हो गया। इसके बाद उनको एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्‍टरों ने बताया कि दारोगा संजीव कुमार के फेफड़े खराब हो गए हैं। जो कि 20 फीसदी ही काम कर रहे हैं। इस कारण संजीव की हालत गंभीर हो गई और उनको वेटिंलेटर पर डाल दिया गया। डाक्‍टर ने संजीव के इलाज में लाखों रूपये खर्च की बात परिजनों से कही तो उन्होंने आर्थिक भुगतान के लिए असमर्थता जाहिर की।

यह बात गंगानगर थाने के पुलिसकर्मियो को पता चली तो पुलिसकर्मी दारोगा साहब‍ के मदद के लिए आगे आए। इसके बाद गंगानगर थाने पर पुलिसकर्मियों ने इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार शर्मा व सीओ सदर देहात ब्रजेश कुमार के सहयोग से 1.27 लाख धनराशि एकत्र की और दरोगा के परिजनों को सौंप दी। दारोगा पिछले छह दिनों से वेंटिलेटर पर है। उसके फेफडों व लीवर ने संक्रमण के कारण काम करना बंद कर दिया है। हालत चिंताजनक बनी हुई है।

सीओ सदर देहात ब्रजेश कुमार ने बताया कि दारोगा की हालत स्थिर है। परिजनों के आर्थिक सहयोग के लिए थाने में तैनात पुलिसकर्मियों ने अपने स्वयं के सहयोग से ही धनराशि जुटाई है। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार शर्मा ने बताया कि एकत्र की हुई धनराशि परिजनों को सौंप दी गई है। जो भी संभव सहायता होगी वह की जाएगी। सामजिक संस्थाओं और अस्पताल से भी सहयोग की अपील की गई है। जितना सहयोग होगा उतना किया जाएगा।

चिकित्सकों का कहना है कि दारोगा के फेफड़ों और लीवर में संक्रमण फैल गया है। जिसको कम करने के लिए दवाइयां दी जा रही है। संक्रमण कम होने पर ही कुछ कहा जा सकता है। आक्सीजन का स्तर भी शरीर में काफी कम हो चुका है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। दारोगा को वेटिंलेटर पर डाला गया है। वो पिछले छह दिन से वेटिंलेटर पर हैं।

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