हिंदू पंचायत में शंकराचार्य ने उठाई 'हिंदू रिपब्लिक ऑफ हिंदुस्तान' की मांग

Highlights
- शंकराचार्य परिषद और भाग्योदन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में हुआ कार्यक्रम
- 1947 में पाकिस्तान का निर्माण कर हिंदुओं को मुस्लिम से तोड़ने का प्रयास
- कार्यक्रम में जुटे देश के दिग्गज सनातनी धर्मावलंबी

By: lokesh verma

Published: 11 Jan 2021, 01:06 PM IST

मेरठ. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में स्थित बृहस्पति भवन के सभागार में शंकराचार्य परिषद और भाग्योदय फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘हिन्दू पंचायत’ का आयोजन किया गया। भारत को सनातनी वैदिक राष्ट्र घोषित करने की संकल्पपूर्ण मांग पंचायत में उठी। शंकराचार्यों ने हिन्दू रिपब्लिक ऑफ हिन्दुस्तान की भी मांग जोर-शोर से उठाई। बता दें कि इसके लिए हिन्दू पंचायतों की श्रृंखला इन दिनों समूचे देश में चलायी जा रही है।

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पंचायत सभा की अध्यक्षता करते हुए शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनन्द स्वरूप महाराज ने कहा कि आज का समय एक ऐसा दौर है, जब हम अपने हक को, अपने अधिकार को ले सकते हैं, मांग सकते हैं, छीन सकते हैं। भारत 1947 में आजाद हुआ, वह सफलता सबकी एकता से ही सम्भव हो सकी थी। उन्होंने कहा कि मुसलमान और हम सब हिन्दू समग्र रूप से एक साथ रह रहे थे। सन् 1947 में आजादी के समय इस्लाम के नाम पर एक नया देश बना, उसका नाम हुआ ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान’। एक (1) में से जीरो (0) निकल गया। एक और जीरो मिलकर दस बने थे, जब जीरो निकल गया तब एक बचा, जो जीरो निकला वह रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान था। एक जो बच गया वह हिन्दू रिपब्लिक ऑफ हिंदुस्तान है।

1857 की गदर के अगुआ मंगल पाण्डेय के कुटुम्बी प्रपौत्र स्वामी आनन्द स्वरूप ने कहा कि आपको अन्धकार में रखकर संविधान में उपबंध बनाए गए। सन् 1976 की वह काली रात जब इंदिरा गांधी ने देश के संविधान को रौंदते हुए उसमें 42वां संशोधन करके धर्म निरपेक्ष या पंथ निरपेक्ष राष्ट्र का शब्द जोड़ दिया गया। उसकी आड़ में आज भी मुस्लिम तुष्टिकरण, ईसाई तुष्टिकरण हो रहा है। तुष्टिकरण करने वाले वामपंथी हिन्दू विरोधी हैं।

निखिल विश्व मे एकमात्र धर्म सनातन धर्म

भाग्योदय फाउण्डेशन केे अध्यक्ष राम महेश मिश्र के मुख्य संयोजन में सम्पन्न पंचायत सभा में बतौर मुख्य वक्ता अपने विचार रखते हुए शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय पार्षद डाॅ. विद्या सागर उपाध्याय ने कहा कि निखिल विश्व मे एकमात्र धर्म सनातन धर्म है, शेष पंथ मजहब या सम्प्रदाय हैं। हिन्दू समाज ने कभी धर्म के प्रसार पर विशेष ध्यान नहीं दिया, इसका लाभ उठाकर विधर्मियों ने अफगानिस्तान, म्यांमार, भूटान, नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश को हमसे अलग किया और वर्तमान में कश्मीर सहित दर्जनों ऐसे क्षेत्र है जो हैं तो भारत में, लेकिन लगातार अलग होने का प्रयास कर रहे है। ऐसे परिवेश में शंकराचार्य परिषद और भाग्योदय फाउण्डेशन के संयुक्त प्रयास से हिन्दू रिपब्लिक ऑफ हिन्दुस्तान की स्थापना हेतु सम्पूर्ण भारतवर्ष में निरंतर आयोजित की जा रही हिन्दू पंचायतें निश्चित रूप से हिन्दू राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

हिन्दू समाज को मजबूत बनाने का आव्हान

वहीं, सिरमौर-हिमाचल से आए जूना अखाड़ा के युवा सन्त श्री स्वामी धनेश्वर गिरि जी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि हमारा राष्ट्र प्राचीन काल से ही शान्ति व बन्धुत्व को मानता रहा है। अपने धर्म व सम्प्रदायों को स्थापित करने के लिए हमारे हिन्दुओं के साथ अमानवीय तरीके से व्यवहार किया गया। पंचायत सभा का समापन भारतीय दलित विकास संस्थान के अध्यक्ष डाॅ. चरण सिंह लिसाड़ी के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। डॉक्टर लिसाड़ी ने राष्ट्र के शिल्पी समाज से एकजुट होने और देशहित मेँ हिन्दू समाज को मजबूत बनाने का आव्हान किया।

ये रहे मौजूद

हिन्दू पंचायत कार्यक्रम में भाग्योदय फाउण्डेशन केे कार्यक्रम निदेशक अमित मोहन, विद्याकुलम कैथवाड़ी के संचालक डाॅ. सूरज प्रकाश, भूमि विकास बैंक के चेयरमैन मनोज शास्त्री, युवा लोकसेवी दीपक शर्मा, समाजसेवी प्रयाग दत्त शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. हरीश अग्रवाल,विनोद जाहिदपुर, राजकुमार सिद्धार्थ, डॉ मनोज जाटव, देवेंद्र तोमर, मोनिका आनन्द, रूपाली पाण्डेय, रेनू वधावन सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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