व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन को दी चेतावनी, ‘दुकानों पर डाल देंगे ताले'

Highlights

-अपराधों को रोकने में नाकाम पुलिस के खिलाफ चारों ओर रोष

-धरना—प्रदर्शन सड़क जाम कर जताया विरोध

-जिले में अपराधियों के भीतर से कानून का भय समाप्त

By: Rahul Chauhan

Published: 10 Sep 2020, 03:06 PM IST

मेरठ। अपराध का ग्राफ एकाएक बढ़ जाना किसी भी जिले के पुलिस प्रशासन के लिए बेहद गंभीर संकेत माना जाता है। वह भी ऐसे समय में जबकि सरकार के मुखिया खुद अपराध रोकने के मामले में गंभीर हो। जिले में अपराधियों के भीतर से कानून का भय समाप्त हो गया है। जिस तरह से जिले में अपराधिक वारदातों में वृद्धि हुई है उससे तो यही दिखाई दे रहा है। इसको लेकर व्यापारिक संगठनों और राजनीति संगठनों में रोष है।

अब तक भाजपा नेता भी अपनी ही सरकार में पुलिस—प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं। इसी केा लेकर आ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शास्त्रीनगर आई ब्लाक चौराहे पर सड़क के बीचों—बीच बैठकर धरना दिया। व्यापारियों का आरोप था कि थानों में व्यापारियों की नहीं सुनी जाती। व्यापारी आज मौत के साए में जी रहा है। कब किस तरफ से गोली आ जाए कुछ नहीं पता। व्यापारियों ने भाजपा सरकार में पुलिस—प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी। लूटपाट के दौरान ज्वेलरी मालिक के बेटे की हत्या और आज फिर से सुबह एक जिम ट्रेनर की हत्या से जिले में सभी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ये कुछ मामले हैं जो एक ही दिन अखबारों की सुर्खियों में रहे। पिछले एक माह का रिकार्ड खंगाला जाए तो पता चलेगा कि आपराधिक घटनाएं दोगुनी हो चुकी हैं। हालांकि सरकार व पुलिस-प्रशासन कानून-व्यवस्था की स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण का दावा कर रहे हैं लेकिन आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं।

अपराधों की प्रकृति पर नजर डाली जाए तो आभास होगा कि सामाजिक कारणों पर आर्थिक सरोकार हावी हो रहे हैं। अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस सक्षम नहीं रही। सक्रियता बढ़ाने के लिए इसकी कार्यशैली में बदलाव जरूरी हो गया है। शीर्ष अधिकारी अपराधों में वृद्धि के कारणों और नियंत्रण के उपायों पर गहन मंथन करके कारगर योजना बनाएं ताकि आमजन का विश्वास टूटने न पाए। अपनी मौजूदगी का अहसास कराए बिना पुलिस अपराधियों पर नकेल नहीं डाल सकती। शातिर अपराधियों को दबोचने की योजना में सफलता हमेशा संदिग्ध रहेगी ही। ध्यान रहे कि लाठी से सिर्फ लकीर पीटी जा सकती है, अपराधियों पर इसका कोई असर नहीं होता।

अधिकारी उतरे सड़कों पर, हुई चेकिंग

सर्राफ की हत्या के बाद से पुलिस और अधिकारी सड़कों पर हैं। सभी वाहन चालकों की चेकिंग की जा रही है। हर आने जाने वाले के कागज और वाहनों की जांच की जा रही है।

Rahul Chauhan
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