Teachers Day Special: मिलिए जुड़वा दिव्यांग भाईयों से, जिन्होंने पीएम मोदी को माना अपना द्रोणाचार्य

Highlights

-जुड़वा दिव्यांग भाइयों को एचआरडी मंत्रालय की तरफ से एक चिट्ठी से मिली प्रेरणा

-अब दोनों कर रहे पोस्ट ग्रेजुएट

By: Rahul Chauhan

Published: 05 Sep 2020, 12:23 PM IST

मेरठ। आयुष और पीयूष दो जुड़वा भाई हैं, जो बचपन से न तो ठीक से बोल सकते हैं और न ही चल सकते हैं। लेकिन 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इन्हें एचआरडी मिनिस्ट्री से सम्मान क्या मिला, ये कामयाबी की उड़ान भरने लगे। ऐसी उड़ान कि आप जानकर आश्चर्यचकित हो जाएंगे। ये दोनों भाई पीएम मोदी को गुरु के साथ-साथ अपने भगवान की तरह पूजते हैं। आधुनिक एकलव्य की राह पर चलते ये दोनों भाई प्रधानमंत्री मोदी की मूर्ति को द्रोणाचार्य की मूर्ति की तरह रखकर गुरु के रूप में पूजते हैं।

बता दें कि आयूष और पीयूष को सेरेब्रल पॉल्सी नाम की गंभीर बीमारी है। इस बीमारी की वजह से आयूष और पीयूष बचपन से ही न तो ठीक से चल सकते हैं और न उठ बैठ सकते हैं। यहां तक कि वो ठीक से बोल भी नहीं सकते। लेकिन 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें एचआरडी मंत्रालय की तरफ से एक चिट्ठी मिली। जिसके बाद से उनके जीवन की धारा ही बदल गई। इस चिट्ठी ने इन दोनों जुड़वा भाइयों को ऐसा मॉटिवेट किया कि आज ये पोस्ट ग्रेजुएट होने की राह पर हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी को मानते हैं भगवान

इन दोनों जुड़वा भाइयों का कहना है कि उनके जीवन में सिवाय निऱाशा के और कुछ बाकी नहीं रह गया था लेकिन पीएम मोदी के व्यक्तित्व ने उन्हें ऐसा प्रेरित किया कि वो उन्हें अपना गुरु मन ही मन मानने लगे। उन्हीं की बदौलत तमाम कठिन हालातों का मुकाबला करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल करने में जुटे हुए हैं। आय़ूष और पीयूष का कहना है कि यूं तो उनके जीवन में आए सभी टीचर्स उनके लिए प्रेरणास्रोत हैं लेकिन पीएम मोदी को वो भगवान की संज्ञा देते हैं। सेरेब्रल पॉल्सी से जूझते जुड़वा भाई पीयूष और आयुष को माता पिता की शक्ति ने भी ताकतवर बना दिया। जिंदगी की जंग में दोनों भाई कदम मिलाकर चल रहे हैं तो इसके पीछे मां और पिता की ममता है। इन दोनों भाइयों की रगों में स्नेह की सरिता रही है।

pm modi
Rahul Chauhan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned