अपनी इस हरकत को छिपाने के लिए ये वार्डन रात में बन जाती थी भूत!

होस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं की देख-रेख के लिए वार्डन रखे जाते हैं। लेकिन अगर वही वार्डन बच्चों को भूत बनकर डराने लगे तो।

By: Rahul Chauhan

Published: 22 May 2018, 08:06 PM IST

मेरठ। होस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं की देख-रेख के लिए वार्डन रखे जाते हैं। लेकिन अगर वही वार्डन बच्चों को भूत बनकर डराने लगे तो। दरअसल, ऐसा ही एक मामला जिले के खरखौदा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का सामने आया है। जहां पढ़ने वाली छात्राओं ने स्कूल की वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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आरोप है कि स्कूल की वार्डन अपने किसी साथी के साथ मिलकर रोजाना रात में छात्राओं के कमरे में भूत बनकर उन्हें डराती है और जब इसका विरोध किया जाता है तो उन्हें मारा पीटा जाता है। इस घटना से स्कूली छात्राओं में दहशत बनी हुई है। वहीं छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत भी की है लेकिन मुंह खोलने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। जिसके बाद किसी तरह हिम्मत जुटाकर छात्राओं ने बीएसए और डीएम के नाम चिठ्ठियां लिख मामले से अवगत कराया और सुरक्षा की मांग की है। मंगलवार 22 मई को छात्राओं ने स्कूल में वार्डन का घेराव कर जमकर हंगामा किया। वहीं मामला उजागर होने के बाद अधिकारी हरकत में आये और मामले की जांच शुरू कर दी है।

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जिलाधिकारी अनिल धींगड़ा ने बताया कि इस प्रकरण की जांच बीएसए से कराई जा रही है और शुरुआती जांच में वार्डन का दोष मानते हुए उसको को हटा दिया गया है। हालांकि अभी भी बच्चों में डर व्याप्त है और उन्हें स्कूल में डर लगता है।बता दें कि खरखौदा ब्लॉक में कस्तूरबा गांधी विधालय है जिसमें करीब 100 छात्राएं हैं। यहां होस्टल में रहने वाली बच्चियों ने द्वारा रात के समय स्कूल के एक गार्ड और वार्डन और उसके कथित साथी दारोगा को विद्यालय परिसर में बुलाने और रात में भूत का भय दिखाकर डराने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत उन्होंने चिट्ठी लिखकर जिलाधिकारी और बीएसए से की।

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जिसके बाद अधिकारियों की जांच में सामने आया कि भूत की कहानी के लिए खुद विद्यालय की वार्डन जिम्मेदार है। आरोप है कि कुछ दिन पहले तक खरखौदा थाने के एक दारोगा से वार्डन का परिचय है और रात के समय दारोगा वार्डन के पास विद्यालय में आता- जाता था। कई बार दारोगा के आने को लेकर विवाद भी हुआ।

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आरोप है कि वार्डन ने धमकी देकर सब छात्राओं को चुप करा दिया। छात्रओं ने खाने में दवाई मिलाने, मारपीट करने, और वार्डन के कथित साथी द्वारा एक छात्रा संग छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। वहीं वार्डन ने सफाई देते हुए कहा है कि मेरे खिलाफ साजिश की जा रही है। पहले भी इस तरह के आरोप लगाए गए थे। अब विद्यालय की शिक्षिकाएं छात्राओं द्वारा गलत आरोप लगवा रही हैं।

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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में करीब सौ छात्रएं वहीं रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही है। लेकिन इस समय जैसा माहौल विद्यालय में बना हुआ है, छात्रओं पर इसका क्या असर पड़ेगा? इसके अलावा भूत की कहानी और दारोगा के रात में आने को लेकर भी छात्रओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। हलाकि इस घटना के बात विधालय से कुछ छात्राएं जा चुकी है।

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