बिजली चोरी के आरोप में करोड़पति दरोगा निलंबित, कई आलीशान मकानों और फार्म हाउस का है मालिक

Highlights

-दो साल से एक ही मलाईदार थाने में जमा था दरोगा

-विजिलेंस के छापे में मिली बिजली चोरी

-जिले के अन्य मठाधीश थानेदारों में हड़कंप

By: Rahul Chauhan

Updated: 30 Sep 2020, 04:30 PM IST

मेरठ। जिले के मलाईदार थाने हस्तिनापुर में तैनात थानाध्यक्ष धमेंद्र सिंह पर आखिरकार गाज गिर ही गई। दो साल से एक ही थाने में मठाधीश बनकर मलाइ खा रहे दरोगा धमेंद्र सिंह को बिजली चोरी के आरोप में निलंबित कर दिया गया। एसओ हस्तिनापुर रहते दरोगा ने सेचुरी क्षेत्र में ही जंगल के बीच आलीशान फार्म हाउस खड़ा कर दिया था। फार्म हाउस में स्वीमिंग पूल और सभी लग्जरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। दरोगा को सत्ताधारी विधायक का संरक्षण प्राप्त था। जिसके कारण वो दो साल से एक ही थाने में जमा था।

वर्दी की धमक में फ्री की बिजली का उपयोग :—

दरोगा धमेंद्र सिंह वर्दी की धमक में अपने फार्म हाउस में बिजली का उपयोग कर रहा था। उसने अपने मकान और फार्म हाउस में किसी प्रकार का कोई मीटर नहीं लगवा रखा था। शास्त्रीनगर के पॉश इलाके चाणक्यपुरी में दरोगा का आलीशान फ्लैट है। जहां पर चोरी की बिजली उपयोग की जा रही थी। विजिलेंस के छापे में दोनों स्थानों पर बिजली चोरी पाई गई। दरोगा के फार्म हाउस में कई एसी लगे हुए हैं। वहीं फार्म हाउस के भीतर एक टयूबवैल भी है। जो कि अवैध रूप से लगाया गया है।

एडीजी के आदेश पर मुकदमा :—

एडीजी के आदेश पर आरोपी दरोगा पर मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी ने दरोगा को पहले ही लाइन हाजिर कर दिया था। लेकिन जब बिजली चोरी में दरोगा रंगे हाथ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एडीजी ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। छापामार कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। फ्लैट में ताला होने के कारण भीतर यह पता नहीं चल सका कि और कितने एसी लगे हुए हैं।

बोले अधिकारी :—

दरोगा के फार्म हाउस और कई फ्लैट के मालिक होने की खबरें मीडिया में प्रकाशित होने के बाद एसएसपी ने कहा कि पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। पूरे प्रकरण की जांच एसपी देहात से करवाई जा रही है। वहीं एक जांच सीओ मवाना को भी सौंपी गई है। वे भी इस मामले की जांच कर रिपोर्ट दो दिन में सौंपेगे।

Rahul Chauhan
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