इस शहर में व्यापारियों ने कहा- यहां भाजपा जन प्रतिनिधियों की फौज, पर नहीं दे रही हमारा साथ

दुकानें ध्वस्तीकरण के दौरान व्यापारी बोले

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Published: 23 Apr 2018, 08:03 PM IST

मेरठ। कैंट के बंगला नंबर 210 बी में आबूलेन से सटे 10.5 एकड़ के इलाके में 62 कोठियां, एक मॉल और 22 दुकानें बनीं हैं। इलाहाबाद हार्इकोर्ट ने इस बंगले में हुए अवैध निर्माण को अवैध मानते हुए इसके ध्वस्तीकरण के आदेश दे रखे हैं। कैंट बोर्ड ने 2016 में अवैध काॅम्प्लेक्स गिराया था, तो उस समय भाजपा जन प्रतिनिधियाें आैर कार्यकर्ताआें ने इस कार्रवार्इ का जमकर विरोध किया था।

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इसमें चार लोगों की मलवे में दबकर मौत हो गर्इ थी। इस काॅम्प्लेक्स के ग्राउंड फ्लोर पर जनवरी में कुछ व्यापारियों ने दुकानें कर ली थी। कैंट बोर्ड ने सोमवार को कार्रवार्इ में ये दुकानें ध्वस्त कर दी थी। इस दौरान यहां के व्यापारियों ने जमकर विरोध किया, लेकिन पिछली बार के मुकाबले इनका साथ देने के लिए इस बार भाजपा सांसद, कैंट विधायक व अन्य प्रतिनिधि नहीं पहुंचे।

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इस बार नहीं पहुंचे भाजपा नेता जिन व्यापारियों की दुकानें बंगला नंबर 210 बी में थी, वे भाजपा नेताओं को कोस रहे हैं। भाजपा जनप्रतिनिधियों के न पहुंचने से लोगों में आक्रोश है। व्यापारियों का कहना है कि मेरठ में भाजपा ने जनप्रतिनिधियों की फौज खड़ी की है, लेकिन ऐसी फौज का क्या लाभ जो अपनी जनता और व्यापारियों की ही आवाज न सुने।

During the demarcation in Meerut

व्यापारी नेता पिंकी त्रिवेदी ने कहा कि वोट मांगने के समय और हिन्दुत्व के मुद्दे की बातें उठाने वाले भाजपा के जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए था। कैंट बोर्ड के विधायक भी मुंह दिखाने नहीं आए। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल पर व्यापारियों ने उनके हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। बेचारे व्यापारी अकेले ही पूरी रात बंगले के परिसर में अपनी दुकानों के आगे प्रदर्शन करते रहे।

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बोले सांसद
भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि मामला कोर्ट में है। इसमें कोई कुछ नहीं कर सकता। हमने पहले इस मामले को उठाया था, लेकिन कोर्ट के आदेश के आगे सभी प्रयास बेकार साबित हुए।

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