कोरोना की दूसरी लहर जैसी खतरनाक नहीं होगी तीसरी लहर, एक्सपर्ट ने किया ये दावा

चिकित्सकों का तर्क वायरस का होगा बेहद मामूली असर, लोगों में अब तक बन चुकी है हर्ड इम्यूनिटी और एंटीबॉडी

By: lokesh verma

Published: 27 Jun 2021, 02:41 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave) का कहर देखकर तीसरी लहर (Third Wave) की आशंका के कारण लोग अभी से भयभीत हो रहे हैं। सरकार इससे बचने के लिए तैयारी कर रही है। वहीं, बच्चों पर खतरा ज्यादा बताया जा रहा है। जबकि चिकित्सक कोरोना के संभावित खतरे को नकार रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अब तक लोगों में एंटीबॉडी (Antibodies) और हर्ड इम्युनिटी (Herd Immunity) ही इतनी बन चुकी है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) यदि बदले स्वरूप में नहीं आया तो किसी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। वायरस का असर बेहद मामूली रूप से होगा।

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दरअसल, सरकारी आंकड़ों को ही मानें तो मेरठ की 40 प्रतिशत आबादी को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है। मेरठ की कुल जनसंख्या 35 लाख है। इसमें करीब 8 लाख बच्चे हैं। वयस्कों की बात करें तो करीब 35 से 40 फीसद लोगों को अब तक कोरोना के टीके लग चुके हैं। अगले एक से डेढ़ महीने में टीके लगवाने वाले लोगों की संख्या और बढ़ेगी। इनमें कोरोना की संभावित तीसरी लहर आने तक एंटीबाॅडी बनना तय है। वहीं अब तक जो भी लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, उनमें भी चिकित्सीय आधार पर माना जा रहा है कि एंटीबाडी बन चुकी है। पिछले दिनों सरकार ने ही आंकड़े जारी किए थे, जिसमें 80 फीसद लोगों में हर्ड इम्युनिटी पाई गई थी और पिछले ही दिनों हुए सीरो सर्वे में भी अधिकांश लोगों में एंटीबाॅडी भरपूर पाई गई। इन आंकड़ों के आधार पर डॉक्टरों का कहना है कि वायरस अब किसी का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।

मेरठ में कम्युनिटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गर्ग कहते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर आने तक अधिकांश लोगों की एंटीबाॅडी इतनी मजबूत हो चुकी होगी कि उनमें संक्रमण हुआ भी तो ज्यादा असरकारी नहीं होगा। जब घर के बड़े बुजुर्ग ही कोरोना के असर से बचे रहेंगे तो बच्चों में संक्रमण का सवाल ही नहीं उठता। क्योंकि बच्चे घर से कहीं बाहर नहीं जा रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्‍टर डाॅ. नीरज काम्बोज कहते हैं कि कोरोना से बच्चों को खतरा बताया जा रहा है, लेकिन बड़ों की बात नहीं हो रही है। सवाल ही यहीं उठ रहा है कि जब बड़े ही कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रहेंगे तो बच्चों में वायरस के ट्रांसमिट की बात ही नहीं आती। इसलिए किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। हां, लोग बचाव के सभी तरीके अपनाते रहें। बच्चों पर भी ध्यान दें और बाहर से घर आने पर साफ सुथरे होकर ही बच्चों के पास जाएं।

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