पति के हत्या के आरोप में कोर्ट ने पत्नी और दो प्रेमियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

पत्नी ने अपने दो प्रेमियों के साथ मिलकर की थी पति की हत्या

मिर्जापुर.  पत्नी ने प्रेमी संग मिल कर की थी पति की हत्या अब कोर्ट ने पति की हत्या के जुर्म में पत्नी और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।





मिर्जापुर में सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायधीश  देवकांत शुक्ला की अदालत ने 27 जून 2008 को   मड़िहान थाने में वादी कल्लू कोल पुत्र पुनवासी कोल ग्राम पडरिया की तहरीर पर  दर्ज मुकदमे के आधार पर राजेन्द्र की हत्या के आरोप में मृतक राजेंद्र की पत्नी रूना देवी और कथित  प्रेमी सियाराम और बुल्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। 






मड़िहान थाने में दर्ज तहरीर में वादी के अनुसार मृतक राजेन्द्र अपनी पत्नी रूना के साथ ससुराल  मड़िहान के निगरिका गांव  में रहता था। जहां उसकी हत्या 18 जून 2008 को उसकी पत्नी रूना और  गांव के ही रहने वाले उसके कथित दो  प्रेमी सियाराम और बुल्ला ने मिल कर दिया। वादी के अनुसार रात में दस बजे के लगभग मृतक राजेंद्र के घर से चीखने चिल्लाने की आवाज आई तो पड़ोस में रहने वाले धनपत्ति देवी और मिस्त्री उसके घर गए जहां पर अंधेरे में सियाराम और बुल्ला को भागते हुए देखा। घर पर जब पत्नी  रूना से राजेन्द्र के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह नही है ।दोनों रात में घर वापस आ गए । 





राजेन्द्र का पता नही चलने पर 19 जून को एक बार फिर परिजन घर पहुचे तो पत्नी रूना ने बताया कि राजेन्द्र ने आत्महत्या कर ली है।वादी के अनुसार रूना का संबंध दोनों के साथ था।राजेन्द्र  अपनी पत्नी रूना को मिलने से रोकता था।जिस पर तीनों ने मिल उसकी  हत्या कर दी। केस के दौरान अदालत में नौ गवाहों को पेश किया गया।गवाहों और सबूत के आधार पर कोर्ट ने तीनो को धारा 302 के तहत हत्या करने का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाया।
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sarveshwari Mishra
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