IAS अधिकारी पर जबरन जमीन कब्जा करवाने के आरोप में FIR का आदेश, कोतवाल भी नपे

मिर्जापुर सीजेएम कोर्ट ने IAS राजेन्द्र पैंसिया व कोतवाल समेत छह पर दिया मुकदमा दर्ज करने का आदेश।

मिर्जापुर. विवादों में रहे मिर्जापुर जिले में तैनात ट्रेनी आईएएस राजेन्द्र पैसिया एक बार फिर चर्चा में हैं। मिर्जापुर कोर्ट ने पैसिया समेत छह लोगों पर जबरन जमीन कब्जाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश मिर्जापुर की मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी राम प्रताप राणा की सीजेएम कोर्ट ने दिया है। इसमें राजेन्द्र पैसिया और कोतवाल विंध्याचल अजय कुमार श्रीवास्तव समेत कुद छह लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश है।



इन सभी पर जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा दिलाने का आरोप है। जिस पर कोर्ट ने 156(3) के तहत पुलिस अधीक्षक मिर्जापुर को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट कोर्ट ने 15 जून 2017 तक इसकी आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया है। कोर्ट ने यह फैसला पीड़ित चमेला देवी बनाम राजेन्द्र पैसिया के मामले में सुनाया है। चमेला देवी ने कोर्ट में वाद दाखिल किया था। उनका आरोप था कि सबरी में उसकी एक बीघे 12 बिस्वा जमीन है, जिस पर उनके ससुर देवी शरण का नाम भी खतौनी में दर्ज है। पर श्याम बहादुर, डब्बू व सुनील जमीन पर कब्जे की नियत से उसे बार-बार धमकी देते रहते हैं।




राजनैतिक पहुंच वाले इन लोगों ने तत्कालीन एस डीएम सदर आईएएस राजेन्द्र पैसिया, तत्कालीन कटारा कोतवाल अजय श्रीवास्तव व बरौधा चैकी इंचार्ज के साथ मिलकर आठ अप्रैल 2017 को उनके घर पहुचे। जमीन पर बने घर के कुछ हिस्से को गिरा दिया। विरोध करने पर गाली और जान से मारने की धमकी दी गयी। उनके परिवार के एक सदस्य को जेल भेज दिया गया। घटना की शिकायत उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से की मगर कोई सुनवाई नही हुई।




इतना ही नहीं 25 अगस्त 2016 को भी उनकी जमीन पर कब्जे के लिए आरोपी जेसीबी लेकर पहुंचे थे उस दौरान भी उसने पुलिस को शिकायत की थी मगर कोई करवाई नहीं हुई। पीड़ित महिला की याचिका पर कोर्ट ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। वहीं कोर्ट के आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक हल्के में हड़कंप मच गया है। एक बार फिर आईएएस राजेन्द्र पैसिया विवादों में घिर गए हैं। इनसे पहले भी पत्रकारों से उलझकर हए विवाद के चलते वह सुर्खियों में रहे।



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रफतउद्दीन फरीद
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