जमीन कब्जे को लेकर दलित और सवर्णों में संघर्ष, घायल दलितों से मिलने पहुंचे बसपा नेता, कही ये बात

जमीन कब्जे को लेकर दलित और सवर्णों में संघर्ष, घायल दलितों से मिलने पहुंचे बसपा नेता, कही ये बात

Rafatuddin Faridi | Publish: Aug, 12 2018 11:38:04 AM (IST) | Updated: Aug, 12 2018 12:56:51 PM (IST) Mirzapur, Uttar Pradesh, India

मिर्जापुर के कोलहा संघर्ष मामले में कूदी बसपा, पूर्व सांसद नरेन्द्र कुशवाह घायल दलितों से मिलने अस्पताल पहुंचे।

मिर्ज़ापुर. हलिया थाना क्षेत्र के कोलहा गांव में जमीन कब्जे को लेकर हुए दलित और काश्तकार के बीच हुए बवाल के बाद अब राजनीति भी शुरू हो गयी है। जिला अस्पताल में भर्ती दलित पक्ष के घायलों से मिलने बसपा नेता नरेंद्र कुशवाहा भी पहुंचे। घायलों से मिलने के बाद कहा कि पूरी बात लखनऊ पार्टी कार्यालय तक पहुचायेंगे। वहीं घायल दलित ने प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। मामले को लेकर प्रदेश बसपा कार्यालय ने स्थानीय संगठन से रिपोर्ट मांगी है। कोलहा गांव में शुक्रवार को घण्टों बवाल और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम लगाने के बाद गांव में दूसरे दिन तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस और प्रसाशन कि तरफ से गांव में भारी संख्या में पीएसी के जवान और स्थानीय लालगंज और हलिया थानों की पुलिस तैनात कर दी गयी थी। खेत मे जुताई के दौरान जलाए गए ट्रैक्टर को छोड़ कर सभी ट्रैक्टर को मौके से हटा लिया गया। जला ट्रैक्टर हरिशंकर तिवारी का है जो खेत मे ही मौजूद है।

 

 

शनिवार को जिला अस्पताल में भर्ती दलित पक्ष के घायलों से मिलने बसपा नेता पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा पार्टी के कार्यकर्तओं के साथ पहुचे। इस दौरान उन्होंने घायलों से कल हुई घटना के बारे में जानकारी ली। पत्रिका से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह विवाद पुराना है। दलितों के पास जमीन का पट्टा था, जबकि दूसरे पक्ष के पास कोर्ट का आदेश। सवाल उठाया कि एसडीएम लालगंज और तहसीलदार बिना परिस्थियों का आकलन किये वहां कब्जा कराने कैसे पहुंच गए। उनका कहना था कि इस मामले कि जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कि जाय।


आश्वस्त कराया कि पूरा मामले से वह पार्टी के लखनऊ कार्यालय को अवगत कराएंगे। वहीं पूर्व सांसद के मुताबिक अस्पताल में घायलों ने प्रशासन पर पक्षपात करने और उनकी सुनवाई नहीं होने कि बात कही है।अस्पताल में भर्ती पार्वती, सुग्गी, सरोजा और खेलाड़ी से मुलाकात किया। वहीं मामले को लेकर दोनों पक्षों कि तरफ से तहरीर हलिया थाने में दे दी गयी है।


बतादें कि शुक्रवार को कोर्ट के आदेश से 50 बीघे खेत पर काश्तकार हरिशंकर मिश्रा को जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए एसडीएम अविनाश चौहान के आदेश से तहसीलदार लालगंज कर्मेन्द्र कुमार, भारी संख्या में पुलिस के साथ मौके पर गए। खेत कि जुताई के लिए पांच ट्रैक्टर भी मंगाए गए थे। पर हरिजन बस्ती के लोगों ने खेत पर कब्जे को लेकर आपत्ति दर्ज की। उनका कहना था कि यह जमीन उनको पट्टे में मिली है। लगभग तीन सौ कि संख्या में पहुचे लोगों ने विरोध करते हुए मौजूद पुलिस और प्रशासन को घेर लिया।


वहीं पर आपस मे झड़प शुरू हो गयी। दोनों पक्षो के बीच जम कर लाठी-डंडे चले। इस दौरान एक पक्ष पर हवाई फायरिंग करने का आरोप दूसरे पक्ष ने लगाया। किसी तरह से लाठी पटककर पुलिस ने वहां से लोगों को भगाया। पर भीड़ मौके पर डटी रही। हालात बेकाबू होते देख बाहर से भी पीएसी मंगवाई गयी तब जा कर पुलिस स्थिति पर काबू पा सकी। रात में दलित पक्ष द्वारा राष्टीय राजमार्ग पर जाम कि सूचना मिलने पर एक बार फिर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे जिला अधिकारी अनुराग पटेल और पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने किसी तरह से ग्रामीणो को समझा कर जाम को समाप्त करवाया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। गांव में दोनों पक्षो के बीच अभी भी तनाव का मौहल है मगर दलितों से जुड़ा मामला होने के कारण मामले का राजनीतिकरण भी किया जा रहा है।
By Suresh Singh

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