script यहां आते ही लौट आती है आंखों की रोशनी, बिहार और मध्य प्रदेश से पहुंच रहे लोग, हैरान कर देगी इस मंदिर की कहानी | Eyesight returns soon come to Mirzapur Garbada Shitala Dham People are arriving from Bihar and Madhya Pradesh | Patrika News

यहां आते ही लौट आती है आंखों की रोशनी, बिहार और मध्य प्रदेश से पहुंच रहे लोग, हैरान कर देगी इस मंदिर की कहानी

locationमिर्जापुरPublished: Dec 19, 2023 02:09:30 pm

Submitted by:

Vishnu Bajpai

UP News: यूपी के मिर्जापुर स्थित गड़बड़ा शीतला धाम में 15 दिवसीय मेला शुरू हो चुका है। यहां बिहार, मध्य प्रदेश के अलावा दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर के चमत्कारों की कहानी...

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Mirzapur Garbada Dham: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सेवटी नदी किनारे स्थित गड़बड़ा शीतला धाम मंदिर से लोगों की अटूट आस्‍था जुड़ी है। यहां इस समय श्रद्धालुओं की काफी भीड़ उमड़ रही है। यहां सोमवार से 15 दिवसीय मेला शुरू हो चुका है। यह मेला शीतला माता की पूजा के साथ शुरू होता है। ऐसी मान्यता है कि यहां माथा टेकने वाले श्रद्धालुओं की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 15 दिन तक चलने वाले इस मेले में मिर्जापुर जिले के साथ बिहार, मध्य प्रदेश समेत दूर-दूर से लोग दर्शन पहुंचते हैं। पहले आपको मंदिर के बारे में बताते हैं।
mirzapur_shitala_dham_temple2.jpgमिर्जापुर जिले की लालगंज तहसील के हलिया ब्लॉक में प्राचीन काल से गड़बड़ा शीतला माता का मंदिर स्थित है। ऐसी मान्यता है कि यहां लगभग तीन सौ साल पहले टेढ़ी नीम के खोखले से मां शीतला प्रकट हुई थीं। इसके बाद स्‍थानीय लोगों ने यहां मां शीतला का मंदिर बनवाया। ये मंदिर मिर्जापुर जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर विंध्य पर्वत की तलहटी में सेवटी नदी किनारे स्थित है। यहां सोमवार से 15 दिवसीय मेला शुरू हो गया है। जहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर माता का दर्शन-पूजन कर रहे हैं।
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गड़बड़ा धाम में 15 दिन चलता है मेला, गंवई मेले से शुरुआत


शीतला धाम के पुजारी दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि यहां दूर-दूर से आकर श्रद्धालु पूरी आस्था के साथ मां का दर्शन-पूजन करते हैं। उनका दावा है कि गड़बड़ा धाम में दर्शन मात्र से ही भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को गंवई मेला था। अगले सोमवार को शहरी यानी बड़ा मेला होगा। जबकि तीसरे और आखिरी सोमवार यानी 1 जनवरी को फिर गंवई मेले से इसका समापन हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां श्रद्धालुओं की इच्छा पूरी होने पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराने की परंपरा है। इसके साथ ही मनौती मानने वाले रोट और लपसी का भोग लगाते हैं।
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गड़बड़ा धाम के दर्शन करने से लौट आती है आंखों की रोशनी


पुजारी दिनेश त्रिपाठी का कहना है कि यहां मां के दर्शन से निःसंतान दंपति को पुत्र प्राप्ति होती है। माता के दरबार में ऐसे कई दंपति आते हैं। जो अपनी मांगी मनौती के पूरी होने का दावा करते हैं और माता को धन्यवाद देते हैं। पुजारी दिनेश त्रिपाठी आगे बताते हैं कि जिनकी आंखों की रोशनी चली गई हो, वह श्रद्धा भाव से मां के दर्शन-पूजन करें। इससे उनकी आंखों की रोशनी दोबारा लौट आएगी।
ऐसे कई श्रद्धालुओं की यहां मनौती पूरी हुई है। इसके अलावा चेचक जैसी बीमारी होने पर मंदिर के कुंड के जल से स्नान करने पर पीड़ित स्वस्‍थ हो जाता है। मान्यता ये भी है कि यहां माता के दर्शन करने के बाद प्रेतात्मा शरीर छोड़ देती है। यहां हर दिन प्रेत बाधा से मुक्ति तथा रोगों के निवारण के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

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