सिचाई विभाग के अधिकारियों ने किया जरगो बांध का निरीक्षण, अभी भी दहशत में ग्रामीण

 सिचाई विभाग के अधिकारियों ने किया जरगो बांध का निरीक्षण, अभी भी दहशत में ग्रामीण
Dam Inspection

जरगो जलाशय के हेड सुलिस फाटक का स्थलीय परीक्षण

मिर्जापुर. अहरौरा के जरगो जलाशय बांध के मेन फाटक में आयी तकनीकी खराबी के निरीक्षण के लिए शनिवार को मुख्य अभियंता (सोन) वाराणसी सुरेश चंद्र वर्मा के नेतृत्व में अभियंताओं की भारी भरकम टीम ने जरगो जलाशय का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और जलाशय में उत्पन्न भयावह आवाज व कंपन को दूर करने के लिए तकनीकी टीम से राय मशविरा किया।

Dam

शनिवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्य अभियंता के नेतृत्व में अधीक्षण अभियंता मार्जिन मंडल अशोक कुमार सिंह अधिशासी अभियंता केके सिंह अजय चौधरी मैकेनिकल अभियंता विकास मौर्या ने जरगो जलाशय के हेड सुलिस फाटक का स्थलीय परीक्षण किया। घंटों की मेहनत के बाद फाटक में उत्पन्न कंपन को समाप्त नही कर पाए परंतु फाटक से निकल रहे भयावह आवाज को भी काफी हद तक कम कर लिया गया।


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जरगो बांध के मेन गेट में उत्पन्न स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य अभियंता ने बताया कि फाटक के प्लेट में तकनीकी खराबी आ जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। जिसे शीघ्र ही तकनीकी अभियंताओं के मदद से ठीक कर लिया जाएगा उन्होंने कहा कि सुलिस का फाटक अत्यंत पुराना होने के वजह से इस स्थिति का सामना करना पड़ा।


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जरगो जलाशय पर अभियंताओं के दौरे के दौरान भारी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। ग्रामीणों में कौतूहल इस बात का भी रहा कि बडे अभियंताओं के दौरे के बाद भी सुलिस के फाटक से निकल रहे आवाज पर काबू नहीं पाया जा सका, हालांकि कंपन में कमी आने से ग्रामीणों में व्याप्त भय कम होता नजर आया। बता दें कि बांध के तराई इलाकों में लगभग 20 से अधिक गांव आबाद हैं।

jargo dam


बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद हजारों लोग की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। साथ ही धान की फसल को देखते हुए अगर जल्द से जल्द फाटक को सही नही किया गया तो नहरों से सिचाई के लिए किसानों को पानी नही मिलेगा। मेन गेट में आई खराबी के कारण जलाशय से नहरों में पानी की सप्लाई बंद कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी भी समस्या के जल्द समाधान की कोशिश में लगे हुए हैं।
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