यूपी के मिर्जापुर में जमीन को लेकर विवाद, गांव में तनाव 

ग्रामीणों में तनाव सिरसीडूब के सत्रह गाँव की जमीन के पट्टे में ग्रामीणों ने...

मिर्जापुर. मड़िहान तहसील क्षेत्र के सिरसी बांध में सत्रह गांव के किसानों की जमीन शर्त पर लिया गया था कि पानी से खाली होने पर जुताई बुआई के लिए उन्हीं किसान परिवारों को जमीन दिया जायेगा। जब की ऐसा नहीं होता। अधिकारियों पर मनमाना करने का आरोप ग्रामीण लगाते रहते हैं। 



इस वर्ष भी ग्रामीणों ने पट्टा आवंटन में धांधली का आरोप लगाते हुए तहसील पर प्रदर्शन किया था।पट्टा आवंटन में जाँच की मांग पर एसडीएम ने ग्रामीणों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया था। किसानों से सिरसी डूब के अधिकारीयों को दो दिन में पट्टा पत्रावली लेकर तलब करने की बात कही थी। उपजिलाधिकारी जीसीराम के आश्वासन पर ग्रामीण शांत तो हो गए। लेकिन ग्रामीणों की उम्मीद से ठीक उल्टा हुआ। एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद जमीन आवंटन का बिवाद सुलझाने के बजाय अधिकारी कान में तेल डालकर सो गए।




ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह के अन्दर मामला नहीं सुलझाया गया तो(पेट का सवाल है)आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। बभनीथपनवा गांव निवासी राकेशकुमार, प्रेमनारायणदुबे, राजाराम, त्रिवेणीप्रसाद, लालती, कौशिल्या, सरिता, मुन्नीदेवी आदि ग्रामीणों की माने तो सिरसी डूब की जमीन से लाखों रुपये की आय पर अधिकारी सरकार को बट्टा लगा रहे हैं।





डूब की जमीन पर सामान अधिकार की बात करने वाले अधिकारी अभिलेखों में मौके पर कम जमीन दिखाकर बची हुई जमीन को कौड़ियों के भाव भूमाफियाओं के हवाले कर देते हैं।अधिकारियो की मिलीभगत से भूमाफिया स्वयं खेती नहीं करते बल्कि ऊंचे रेट पर दूसरोॆ को सौप देते हैं। सरकार के राजस्व में बढ़ोत्तरी से मतलब नहीं है, बल्कि अपनी जेब भरने में अधिकारी  मशगूल रहते हैं।

ज्योति मिनी
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