Shardiya Navratri : विंध्याचल के विंध्यवासनी मंदिर में कोरोना के बीच नवरात्र में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़

नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही भक्त मां के दर्शन पूजन के लिए लाइन लगा कर इंतजार करते हुए दिखाई दिए।

By: Neeraj Patel

Published: 17 Oct 2020, 07:54 AM IST

मिर्जापुर. विंध्याचल में मां विंध्यवासनी धाम में आज से नवरात्र का प्रारंभ हो गया। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही भक्त मां के दर्शन पूजन के लिए लाइन लगा कर इंतजार करते हुए दिखाई दिए। वहीं कोरोना के संकट काल में इस बार नवरात्र कुछ अलग ढंग से मनाया जा रहा है। भक्त मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना कर रहे हैं। हालांकि दर्शन पूजन के समय सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का पालन होता हुआ नहीं दिखाई दिया।

विंध्याचल में भोर में मंगला आरती के साथ नौ दिन तक चलने वाले शारदीय नवरात्र आरम्भ हो गया। इन नौ दिनों तक दूर-दूर से आने वाले भक्त यहां पर मां विंध्यवासनी की पूजा आराधना करेंगे। नवरात्र के पहले दिन आज कोविड की महामारी के दौरान भी भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन पूजन के लिए पहुंचे। भक्तों के हाथों में मां को चढ़ाने के लिए नारियल चुनरी थी। लगातार जयकारे लगाते हुए मंदिर की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि पहले की तरह इस बार भक्तों को कोरोना की महामारी को देखते हुए खास सुरक्षा के पालन की हिदायत दी गई है।

मंदिर में दर्शन के लिए मास्क लगाने को कहा गया है। इस लिए इस बार नवरात्र में जो व्यवस्था बदली है उसमें मंदिर के प्रवेश द्वार के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोल घेरा बनाया गया है। हालांकि नवरात्र के पहले दिन मां के दर्शन-पूजन आए भक्तों का उत्साह इससे भी कम नहीं भक्त, कोविड के समय भक्त मां का दर्शन पूजन कर रहे हैं।

डीएम सुशील पटेल का कहना है कि इस बार नवरात्र में कोविड से बचाव को लेकर खास व्यवस्था की गई है। वहीं नवरात्र मेले के दौरान दर्शन पूजन में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखाई पड़ी। बहुत कम लोगों ने मास्क का प्रयोग किया। मेला क्षेत्र को आठ जोन और 16 सेक्टर में विभाजित कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। दर्शन पूजन के लिए आए दर्शनार्थी सचिन और सुशांत का कहना है कि भले ही कोरोना काल हो मगर मां का दर्शन करना नहीं छोड़ सकते।

Neeraj Patel
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned