दक्षिण अफ्रीका से स्वर्ण पदक जीतकर मिर्ज़ापुर लौटी निधि सिंह, जोरदार स्वागत

दक्षिण अफ्रीका से स्वर्ण पदक जीत मिर्ज़ापुर लौटी निधि सिंह पटेल...

By: ज्योति मिनी

Published: 22 Sep 2017, 05:15 PM IST

Mirzapur, Uttar Pradesh, India

मिर्ज़ापुर. राष्ट्रिय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर देश भर में जिले का नाम रोशन करने वाली सिंह पटेल ने एक बार फिर पॉवरलिफ्टिंग में परचम लहराया है। निधी सिंह ने पॉवरलिफ्टिंग स्वर्ण पदक जीत कर विदेशों में भारतीय तिरंगा लहरा कर देश को गौरवांवित किया है। शुक्रवार को दक्षिणी अफ्रीका से पदक जीत कर वापस अपने जिले में लौटने पर निधि का खेल प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया।

 

सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में खेल प्रेमी फूल माला लेकर अपनी इस बेटी के स्वागत के लिए रेलवे स्टेशन पर मौजूद थे। जैसे ही निधि की ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुंची रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों की संख्या में मौजूद खेल प्रेमी ने निधि का फूलमालाओं और ढोल नगाड़े से जोरदार स्वागत किया। इस दौरान रेलवे स्टेशन भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। रेलवे स्टेशन पर ही पत्रकारों से बात करते हुए निधि सिंह पटेल ने इस क्षण को अपने जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों में से एक बताते हुए कहा कि हमें उम्मीद नहीं थी कि इतने लोग हमारे स्वागत के लिए आयेंगे। हम उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं जिन्होंने हमे विदेश जाने के लिए सहयोग किया। अगर लोग मदद नहीं करते तो शायद हम प्रतियोगिता में भाग नहीं ले पाते।

 

बता दें कि, दक्षिणी अफ्रीका के पाॅचेफस्ट्रम में 10 सितम्बर से 17 सितम्बर 2017 तक आयोजित अंतराष्ट्रीय कॉमन वेल्थ पॉवरलिफ्टिंग चैम्पियन 2017 प्रतियोगिता में कुल 46 देशों ने भाग लिया था। 57 किलोग्राम भार वर्ग में अपने दक्षिण अफ्रीकी प्रतिद्वंद्वियों से कड़ा मुकाबला करते हुए निधि सिंह पटेल ने कुल 85 किलो भार उठा कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। दूसरे स्थान पर दक्षिणी अफ्रीका तीसरे पर पाकिस्तान था। इसके साथ ही निधि को एशिया और भारत की सबसे ताकतवर महिला का खिताब भी दिया गया।

 

अब तक अपने दम पर निधि पटेल अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 10 स्वर्ण पदक, दो रजत पदक और दो कांस्य पदक पर कब्जा जमा चुकी हैं। मिर्जापुर जनपद के चुनार थाना क्षेत्र के पचेवरा गाँव की रहने वाली निधि सिंह पटेल ने अपने हौसलों के दम पर खुद को साबित करते हुए स्वर्ण पदक भारत के लिए जीता। मगर हर बार की जीत में निधि की पीड़ा भी जुड़ी हुई है। आज तक उसे सरकारी सहायता नहीं मिली। हर बार की तरह इस बार भी आम लोगो के चंदे के पैसे से निधि विदेशी प्रतियोगिता में भाग लिया और स्वर्ण पदक जीता। खास बात तो यह रही कि इस बार भी रेलवे स्टेशन पर खेल प्रसंशक जरूर उत्साहित थे। मगर जिले के आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि दूर-दूर तक स्वर्ण पदक विजेता अपनी बेटी के स्वागत में नहीं नजर आए।

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