पीएम मोदी की आयुष्मान योजना का कार्ड लेकर चक्कर काट रहे लोग, डॉक्टरों ने कहा- इसका कोई मतलब नहीं

जिला अस्पताल के अधीक्षक ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

मिर्जापुर. जिले के रहने वाले शकील और सलमान का नाम जब आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की लिस्ट में आया तो दोनों बहुत खुश थे, मगर उनकी खुशियों का ग्रहण तब लग गया, जब वह कॉर्ड लेकर इलाज के लिये अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने कॉर्ड को बिना महत्व का बताकर प्राइवेट क्लिनिक पर आकर इलाज कराने की बात कही ।


शकील को अपनी पत्नी के पथरी का ऑपरेशन करवाना है, वहीं सलमान को भी अपने पथरी का ऑपरेशन करवाना है । दोनो आयुष्मान का कार्ड लेकर जिला अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं, मगर कोई डॉक्टर देखने को तैयार नहीं है। जो डॉक्टर उन्हें देख रहा वह भी पैसे के चक्कर मे ईलाज के लिए घर पर बुला रहा है । सलमान का आरोप है कि कार्ड लेकर जिस भी डॉक्टर के पास जा रहे है, वह कह रहे हमारे घर आइये, वहां पर पैसा देंगे तब जांच और इलाज होगा।


सलमान के मुताबिक अभी तक वह तीन डॉक्टरों को दिखा चुके हैं। हर बार उन्हें यही जबाब सुनने को मिलता है। सभी पैसे के लिए मरीजों को परेशान कर रहे है। वही आयुष्मान का कार्ड लेकर जिला अस्पताल का चक्कर काट रहे शकील का कहना है कि जब वह कार्ड लेकर गए तो डॉक्टर ने कहा कि इसका जिला अस्पताल में कोई महत्व नही है। जब हम लोग पर्ची बनवा डॉक्टर को दिखाने गए तो उन्होंने बंगले पर बुलवाया और वहां पर उसने दो सौ रूपये फीस ले लिया। इसके अलावा बाहर से जांच में उनके एक हजार रुपये लग गए। अब डॉक्टर उनसे ऑपरेशन के लिए 10 हजार रुपया फीस मांग रहे है।


हालांकि जब शकील ने इसकी शिकायत अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक वी के पांडेय से किया तो इन्होंने कार्रवाई करने का भरोसा देते हुए कहा कि यह पीएम की योजना है। जिसमे गरीब मरीज का निःशुल्क इलाज किया जाता है। अगर किसी ने कोई इस तरह की बात की है तो जांच कर कार्रवाई होगी, हमने मरीज के इलाज और ऑपरेशन के लिए निर्देश दे दिया है ।

 

BY- SURESH SINGH

Akhilesh Tripathi Desk/Reporting
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