पुलिस हिरासत में लिये जाने के बाद प्रियंका गांधी को घंटों रहना पड़ा अंधेरे में, अब गेस्ट हाउस में फैलाये जा रहे बिजली के तार

पुलिस हिरासत में लिये जाने के बाद प्रियंका गांधी को घंटों रहना पड़ा अंधेरे में, अब गेस्ट हाउस में फैलाये जा रहे बिजली के तार
पुलिस हिरासत में लिये जाने के बाद प्रियंका गांधी को घंटों रहना पड़ा अंधेरे में, अब गेस्ट हाउस में फैलाये जा रहे बिजली के तार

Ashish Kumar Shukla | Updated: 19 Jul 2019, 10:20:06 PM (IST) Mirzapur, Mirzapur, Uttar Pradesh, India

शासन ने प्रियंका गांधी को सोनभद्र नरसंहार पीड़ितों से मिलने से रोका, कांग्रेसियों ने कहा- अहंकारी सत्ता और शासन कर रहा उत्पीड़न

मिर्जापुर. सोनभद्र के घोरावल इलाके की उम्भा बस्ती में मृतकों के परिजनों से मिलने जा रही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लेकर चुनार के जिस गेस्ट हाउस में रखा, वहां उन्हें घंटों अंधेरे में बिताना पड़ा । वजह यह थी कि चुनार के इस गेस्ट हाउस में महीनों से बिजली फॉल्ट होने के बाद भी इसे ठीक नहीं कराया गया था ।

गेस्ट हाउस में बिजली की कटौती के कारण सभी लोग परेशान थे । हालांकि बाद में जेनरेटर लगाकर बिजली की सप्लाई बहाली करवाई गयी। वहीं बिजली कटने के दौरान कांग्रेसी नेताओं जम कर योगी और सरकार के खिलाफ नारेबाजी किया और आरोप लगाया कि प्रियंका और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिये प्रशासन साजिश रच रहा है । वहीं बिजली विभाग के इंजीनियर ने कहा कि गेस्ट हाउस में वायरिंग ध्वस्त हो चुकी है, इसलिये यहां बिजली की व्यवस्था नहीं है ।

सोनभद्र के घोरावल इलाके की उम्भा बस्ती में तीन दिन पहले हुआ नरसंहार हुआ था, कांग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी अचानक शुक्रवार की सुबह बनारस पहुंच बीएचयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती घायलों का हाल जाना, फिर सोऩभद्र जाने के लिये निकल पड़ी । वाराणसी से सोनभद्र जाते वक्त प्रियंका गांधी को नारायणपुर पुलिस चौकी के पास मिर्जापुर पुलिस ने धारा- 144 का हवाला देते हुए रोक दिया और उन्हें आगे जाने से मना कर दिया। सोनभद्र जाने से रोकने पर खफा प्रियंका वहीं पार्टी नेताओं संग चिलचिलाती धूप में बीच सड़क पर धरने पर बैठ गई। वह पुलिस प्रशासन से जानना चाहती हैं कि उन्हें क्यों रोका गया। उन्हें बताया जाता है कि सोनभद्र की बुधवार की घटना के बाद धारा 144 लगा है।

इस पर भी वह सवाल करती हैं धारा 144 सोनभद्र में तो मिर्जापुर में क्यों रोका गया। वह धरने से उठ कर समर्थकों संग सोनभद्र जाने लगती हैं तो प्रशासन उन्हें हिरासत में लेकर चुनार किला ले जाता है। इस दौरान कांग्रेस नेता गाड़ी के आगे लेट जाते हैं तो उन्हें जबरन घसीट कर किनारे कर चुनार किला पहुंचाया जाता है प्रियंका गांधी को। वहीं इस घटना को लेकर पूर्वांचल सहित देश भर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी बताते हुए इसे भाजपा सरकार का अहंकार बताया। प्रियंका ने साफ कहा है कि वह पीड़ितों से मिले बिना वापस नहीं जायेगीं, वहीं प्रशासन किसी भी हालत भी पीछे हटने को राजी नहीं है ।

सोनभद्र हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा दे सरकार: प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने कहा कि सोनभद्र में धारा 144 लगने की स्थिति में मैं 3 लोगो के साथ परिजनों से मिलने वहां जाऊंगी जिससे धारा 144 का उल्लंघन न हो सके। उन्होंने कहा जिस तरह से सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र में जमीनी विवाद में नरसंहार किया गया उसकी कांग्रेस जमकर भर्त्सना करती है। नरसंहार में जिनकी भी मौत हुई है उनके परिजनों के पुनर्वास की व्यवस्था के साथ सरकार मुआवजा दे ।

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