Corona Virus लॉक डाउन में मास्क तैयार करना बना महिलाओं की आमदनी का ज़रिया

कोरोना वायरस महामारी से जंग में सहयोग करने के साथ महिलाओं की आजीविका का भी हो जा रहा इंतज़ाम।

मिर्ज़ापुर. लॉक डाउन के दौरान घर बैठे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घर बैठे मास्क बनाकर कोरोना वायरस महामारी के ख़िलाफ़ जंग में अपना योगदान तो दे ही रही हैं, साथ-साथ अपनी आजीविका चलाने के लिए वो इससे आय भी अर्जित कर ले रही हैं। ऐसे आधा दर्जन के करीब स्वयं सेवी महिला समूह से जुड़ी महिलाएं हर रोज सैकड़ो मास्क तैयार करने के काम में जी जान से लगी हुई हैं।

 

खादी ग्रामोद्योग विभाग के आर्डर पर स्वयं सहायता समूह कि महिलाओं के लिए मास्क बनाना सेवा के साथ ही कमाई का जरिया भी बन गया है। लॉक डाउन के बीच कमाई होने से महिलाएं खुश हैं। जिला प्रशासन की पहल पर महिलाओं को खादी ग्राम उद्योग से मिले सात हजार मीटर कपड़े से यह विस्मिल्ला आजीविका समूह से जुड़ी मुस्लिम महिलाएं घर पर ही मास्क तैयार कर रही हैं।

 

महिलाओ का कहना है कि इससे लोगों की सेवा तो रही है।इस लॉक डाउन के दौरान परिवार को चलाने के लिए कुछ पैसे भी मिल जाए रहे हैं। महिला समूह से जुड़ी सदस्य खैरुन्निसा का कहना है कि हम लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। घर पर मास्क तैयार कर सौ -दो सौ रूपये कमा ले रहे हैं।

 

मुख्य विकास अधिकारी अविनाश सिंह का कहना है कि हम लोगों को खादी ग्राम उद्योग से सात हजार मीटर कपड़ा मिला है, जिससे हम लोग ग्रामीण इलाकों के लिए मास्क तैयार कर रहे हैं। यह मास्क सस्ते दर पर 13 रुपये 60 पैसे में ग्रामीण इलाकों में उपलब्ध करवाया जायेगा। महिलाओं को भी प्रति मास्क चार रूपये दर से मेहनताना दिया जा रहा है। फिलहाल ज़िले में आधा दर्जन के लगभग समूह से जुड़ी महिलाओं को मास्क बनाने का काम मिला है।

By Suresh Singh

Corona virus coronavirus
रफतउद्दीन फरीद
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