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Coronavirus: सोशल मीडिया पर वायरल इन 10 फेक न्यूज को कहीं आप भी तो नहीं मान बैठे सच

  • लॉकडाउन के दौरान तेजी से वायरल हो रहे हैं फेक मैसेज-फोटो।
  • यहां पर तेजी से शेयर-फॉरवर्ड किए गए 10 टॉप पोस्ट बताए गए हैं।
  • किसी भी पोस्ट को फॉरवर्ड करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जानें।

नई दिल्ली

Updated: March 26, 2020 10:39:16 pm

नई दिल्ली। जैसे-जैसे देश में कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस बढ़ते जा रहे हैं, सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी फेक न्यूज के वायरल होने का सिलसिला भी तेज होता जा रहा है। देशभर में घोषित किए गए टोटल लॉकडाउन के बीच लोग घरों पर इंटरनेट में एक्टिव हैं और इसलिए कोरोना वायरस से जुड़ी खबरें भी सोशल मीडिया पर खूब पढ़ी-शेयर की जा रही हैं। ऐसे में आपको उन 10 फेक न्यूज से रूबरू कराना जरूरी हो जाता है, जिन्हें असली समझकर यूजर्स सोशल मीडिया पर जमकर शेयर कर रहे हैं। यह रही इन फर्जी खबरों की सूची, जिनसे आपको सावधान रहना चाहिए।
कोरोना वायरस फेक न्यूज
कोरोना वायरस फेक न्यूज
पहलीः इटली के एक शहर की तस्वीर जिसमें ढेर सारी लाशें फैली हुई हैं।

रिएलिटी चेकः दरअसल यह फर्जी तस्वीर है। यह तस्वीर वायरस पर इस दशक की शुरुआत में बनी हॉलीवुड की एक मशहूर फिल्म कांटेजिअन का सीन है। इस फिल्म की आजकल काफी चर्चा है और इसमें वायरस का प्रसार दिखाया गया था। ताजा खबर यह है कि इस फिल्म के मेडिकल कंसल्टेंट डॉक्टर को भी मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।
दूसरीः आजकल 498 रुपये का जिओ कनेक्शन रिचार्ज फ्री में मिल रहा है।

रिएलिटी चेकः रिलायंस की जियो कंपनी द्वारा ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। Whatsapp और Social Media पर वायरल इस मैसेज में लिखा है कि Jio इस बुरे वक्त में सभी इंडियन यूजर को 498 रुपए का फ्री रीचार्ज दे रहा है। मैसेज के साथ https:jionewoffer.online. लिंक दिया है और ऑफर 31 मार्च तक ही मौजूद रहने का दावा किया गया है। बता दें कि जियो की तरफ से ऐसा कोई भी ऑफर नहीं पेश किया गया है।
तीसरीः एक साथ तमाम लोग जमीन पर पड़े हुए मदद के लिए चिल्लाते नजर आ रहे हैं।

रिएलिटी चेकः यह तस्वीर भी पूरी तरह से फर्जी है और इसका मौजूदा हालात से कोई ताल्लुक नहीं। वास्तव में यह तस्वीर तो वर्ष 2014 के एक आर्ट प्रोजेक्ट की है। इस तस्वीर को कुछ लोग सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस के मरीजों के नाम होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि आपको इससे सावधान रहने और सच मानकर आगे फॉरवर्ड न करने की सलाह दी जाती है।
चौथीः डॉ. रमेश गुप्ता नामक एक लेखक की जंतु विज्ञान पर लिखी किताब में कोरोना का इलाज होने का दावा है।

रिएलिटी चेकः यह दावा भी कोरा झूठ है और इस तरह की बात बिल्कुल भी सच नहीं है। जंतु विज्ञान की किताब में ऐसा कोई भी वायरस और इलाज नहीं लिखा हुआ है।
पांचवीं: गुरुग्राम के मशहूर मेदांता अस्पताल के डॉ. नरेश त्रेहान ने की है देशव्यापी आपातकाल की अपील।

रिएलिटी चेकः मेदांता अस्पताल के डॉ. त्रेहान द्वारा ऐसी कोई भी अपील नहीं की गई है। यह खबर भी पूरी तरह झूठी है और इसे आगे भेजना भी ऊपर की फेक न्यूज की तरह अफवाह फैलाने की श्रेणी में आता है। इसलिए इस पर विश्वास ना करें।
छठीः एक ऐसे डॉक्टर कपल की तस्वीर, जिसके लिए दावा किया जा रहा है कि वो 134 कोरोना पीड़ितों का इलाज करने के बाद पॉजिटिव हो गए।

रिएलिटी चेकः हकीकत में यह फोटो किसी डॉक्टर जोड़े की नहीं है। बल्कि यह तस्वीर एक ऐसे जोड़े की है जो एयरपोर्ट पर था। यह पुरानी तस्वीर है और इसका मौजूदा हालात से कोई वास्ता नहीं। कोरोना वायरस मरीजों के इलाज के दौरान पॉजिटिव होने का दावा किए जाने वाली यह फोटो पूरी तरह फेक है।
सातवीं: COVID-19 यानी कोरोना वायरस की दवा आ गई।

रिएलिटी चेकः जिस तस्वीर को कोरोना वायरस की दवा होने का दावा किया जा रहा है, वह वास्तव में कोई दवा नहीं है। यह एक जांच किट है, जिसका उपयोग रोग के परीक्षण के लिए किया जाता है।
आठवीं: तेजी से पैर पसारने वाले कोरोना वायरस का जीवनकाल 12 घंटे तक रहता है।

रिएलिटी चेकः सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा भी फर्जी है। दरअसल यह वायरस किसी भी सतह पर कितनी देर तक जिंदा रहता है, के बारे में अभी तक पुख्ता रूप से कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन नए शोध बताते हैं कि कोरोना वायरस अलग-अलग सतहों पर 12 घंटे तक नहीं बल्कि 3 घंटे से लेकर 3 दिन तक जिंदा रह सकता है।
नौवीं: एक तस्वीर जिसमें दिखाया गया है कि रूस में लोगों को घरों के भीतर रखने के लिए सड़कों पर 500 शेर छोड़ दिए गए हैं।

रिएलिटी चेकः यह तस्वीर भी पूरी तरह फर्जी है। रूस क्या कोई भी देश ऐसा करने के बारे में सोच भी नहीं सकता। हकीकत यह है कि यह फोटो एक फिल्म का स्क्रीनशॉट भर है।
दसवीं: इटली की ताबूत वाली एक वायरल फोटो।

रिएलिटीः यह फोटो भी पूरी तरह फेक पोस्ट का एक उदाहरण है। इसकी सच्चाई यह है कि यह फोटो सात साल पहले हुई एक दुर्घटना की है। इसका कोरोना वायरस से कोई लेना-देना नहीं।
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अमित कुमार बाजपेयी

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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