आईएएस और आईपीएस अफसरों की कमी से जूझ रहा है देश, खाली पड़े हैं 2419 पद

केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में लिखित जवाब दिया।

नई दिल्ली। देश इस समय आईएएस और आईपीएस अफसरों की भारी कमी से जूझ रहा है। गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया कि भारत में मौजूदा समय में आईएएस अफसरों के 1449 और आईपीएस अफसरों के 970 पद खाली पड़े हैं। जितेंद्र सिंह ने ये आंकड़ा एक जनवरी 2018 तक पेश किया है। एक जनवरी 2018 की स्थिति के अनुसार आईएएस श्रेणी में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 6553 है जबकि आईपीएस श्रेणी में यह संख्या 4940 है। जितेंद्र सिंह ने जेडीयू सांसद हरिवंश के एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

राज्यसभा में केंद्रीय राज्यमंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2018 के लिए 782 पदों के लिए विज्ञापन निकाल दिया है। चयन के माध्यम से सीधी भर्ती में, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 896 पदों का विज्ञापन दिया गया है। जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में दिए लिखित जवाब में कहा कि आईपीएस के लिए कुल स्वीकृत पद का 19.64 प्रतिशत यानि कि 970 पद खाली हैं। सिंह ने खाली पदों को भरने की समयसीमा पर कहा कि सीट खाली होना और उस पर नियुक्ति करना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। खाली पदों को भरने का काम चल रहा है।

सरकार को करना पड़ रहा है आलोचनाओं का सामना
आपको बता दें कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के पदों के खाली रहने की वजह से सरकार को कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। कुछ दिन पहले ही ये खबर आई थी कि मोदी सरकार संयुक्त सचिव के स्तर पर दस पेशेवर लोगों की भर्ती करने जा रही है। समस्या ये थी कि इस पद के लिए ऐसे लोगों से भी आवेदन मंगाए गए थे, जिन्होंने संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सर्विस परीक्षा पास नहीं की है। इस संबंध में सरकार पर आरोप लग रहे थे कि वह अपने पसंद के सचिवों की नियुक्ति करना चाहती है।

Kapil Tiwari
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