Lockdown ने मिलाई जोड़ी, 3 फीट के दूल्हे ने रचाई ढाई फीट की दुल्हन से शादी, लोगों को लगा बच्चों का हो रहा है निकाह

Highlights
-जहां एक ओर कई लोग शादी का कार्यक्रम आगे के लिए टाल रहे हैं तो वहीं लॉकडाइउन के बीच एक एेसी जोड़ी का मिलाप हुआ है जो आपने पहले कभी नहीं देखी होगी
- इस शादी का दूल्हा मात्र तीन फीट का है तो दुल्हन ढाई फीट की, लेकिन यह बच्चों या गुड्डे गुड़ियों की शादी नहीं है
- हर कोई देखकर यही कह रहा है, लॉकडाउन ने बना दी जोड़ी

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते हुए लॉकडाउन (Lockdown) के बीच शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। ऐसे में शादी का मतलब है 'नो बैंड, बाजा और बारात (Wedding in Lockdown)।' लॉकडाउन के चलते ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। ऐसे में जहां एक ओर कई लोग शादी का कार्यक्रम आगे के लिए टाल रहे हैं तो वहीं लॉकडाइउन के बीच एक एेसी जोड़ी का मिलाप हुआ है जो आपने पहले कभी नहीं देखी होगी। इस शादी का दूल्हा मात्र तीन फीट का है तो दुल्हन ढाई फीट की, लेकिन यह बच्चों या गुड्डे गुड़ियों की शादी नहीं है। हर कोई देखकर यही कह रहा है, लॉकडाउन ने बना दी जोड़ी।

45 की उम्र में तीन फीट लंबाई

यह मामला बिहार के मुजफ्फरपुर का है, जहां के वार्ड 33 का निवासी मोहम्मद फूल बाबू बचपन से ही लंबाई में कम हैं। 45 की उम्र में उनकी पूरी लंबाई तीन फीट से भी कम है। इधर, वार्ड 34 की असगरी बेगम भी उनसे एक कदम आगे हैं। तीन की उम्र पार करने के बाद भी उनकी लंबाई मात्र ढाई फीट ही है। इसे इत्‍तेफाक कहें या उपर वाले की मर्जी कि दोनों की शादी नहीं हुई थी। दोनों गरीब परिवार से हैं। फूल बाबू एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, जबकि असगरी लहठी पर कढाई करती है।

लॉकडाउन में दोनों पर पड़ी समाज की नजर

जानकारी के मुताबिक दोनों ही अपने-अपने काम में व्यस्त थे। लॉकडाउन होने के बाद दोनों का ही काम बंद हो गया था। इस बीच आसपास के लोगों की नजर पड़ी तो लोगों ने सोचा कि दोनों की जोड़ी खूब जमेगी। बस कुछ लोग आगे आए और इन दोनों को निकाह कर लेने की सलाह दी।

लोगों ने शादी ने उठाया खर्चा

लॉकडाउन के चलते काम मंदा पड़ा था जिस वजह से पैसे भी नहीं थे शादी करने लायक। समाज के कुछ अच्छे लोगों ने मिलकर दोनों की शादी करने की जिम्मेदारी अपने सर ले ली। जिसके चलते पूर्व वार्ड पार्षद मोहम्मद अब्दुल्ला की निगहबानी में कुई लोग सामने आए और निकाह का पूरा खर्च उठा लिया। लॉकडाउन के बीच 15 लोगों की मौजूदगी में काजी मौलाना अकरम रहमानी साहब नें इनका निकाह पढ़ाया और इस तरह दोनों नें एक दूसरे को अपना हमराह कबूल कर लिया। स्थानीय मोहम्मद नियाज ने बताया कि दोनों के परिवार के साथ पूरा इलाका इस निकाह से काफी खुश है।

Ruchi Sharma
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