किसान आंदोलन के 40 दिन, बदलते मौसम की मार से बेहाल प्रदर्शनकारी

Highlights

  • बारिश करण सड़क पर पानी भर गया तो टेंट भी उखड़ने शुरू हो गए।
  • किसानों के पास उनके सोने के लिए कोई विकल्प नहीं है।

नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर बीते 40 दिनों से किसान आंदोलन कर रहे हैं। पहले किसानों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा था। मगर अब बदलते मौसम की मार भी झेलनी पड़ रही है। बीते तीन दिनों से बारिश के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार रुक-रुककर होने वाली बारिश ने उनके लिए दिक्कतें बढ़ा दी हैं। इसके बावजूद किसानों के हौसले बुलंद हैं। वह किसी भी हालत में टूटता नहीं दिख रहा है।

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कृषि कानून रद्द कराने को लेकर नेशनल हाईवे 44 पर दिल्ली-सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर किसान बीते 40 दिन से डटे हुए हैं। इस दौरान किसानों की सरकार से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन किसान कृषि कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं सरकार केवल संशोधन की बात करना चाहती है। बदलते मौसम के कारण किसानों को जूझना पड़ रहा है।

शुरूआत में बारिश हल्की होने के कारण पहले दिन किसान अपने टेंट व ट्राली के ऊपर पॉलीथिन लगाकर पानी से बच निकले। मगर मंगलवार को मूसलाधार बारिश करण सड़क पर पानी भर गया तो टेंट भी उखड़ने शुरू हो गए। उनकी सोने की जगहें भीग गईं। ऐसे किसानों के पास उनके सोने के लिए कोई विकल्प नहीं है।

Mohit Saxena
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