6 हफ्ते पहले बिलकुल ठीक थी ये बच्ची, फिर क्या हुआ जो आंखों से बहने लगा खून

कैंसर से पीड़ित एक 6 साल की बच्ची की व्यथा आपको विचलित कर देगी।

नई दिल्ली। कैंसर से पीड़ित एक 6 साल की बच्ची की व्यथा आपको विचलित कर देगी। 6 हफ्ते पहले ये बच्ची बिलकुल स्वस्थ थी लेकिन फिर एक दिन उसके आंखों में ऐसी जलन हुई के वो अपनी आंखों की रोशनी गवां बैठी। आखिर क्या बीमारी लगी होगी इस मासूम को जो इतनी सी उम्र में उसे इतनी पीड़ा सहन करनी पड़ रही है। त्रिपुरा के गरीब परिवार में धनिका नाम बच्ची ने जन्म लिया। धनिका की हताशजनक तस्वीरों से ही पता चलता है कि मात्र 6 हफ्तों में इस बच्ची की हालत कितनी गंभीर हो गई है।

tripura,cancer,pictures,painkillers,chemotherapy,deteriorated,Bleeding,

स्थानीय डॉक्टरों से प्राथमिक उपचार से तकलीफ दूर नहीं हुई तो बच्ची के मां-बाप को उसकी फिकर होने लगी। बच्ची की हालत इतनी बिगड़ी कि उसे किसी बड़े हॉस्पिटल में एडमिट करना जरूरी था। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि वह तीव्र लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया से पीड़ित है। लिम्फोसाईटिक ल्यूकेमिया रक्त का कैंसर है इस बीमारी से जूझ रहे लोगों के बचने गुजाइश केवल 10 प्रतिशत होती है। इस गंभीर बीमारी से जूझ रही इस बच्ची का परिवार बेहद गरीब है और आगे का उपचार करने में असमर्थ है।

tripura,cancer,pictures,painkillers,chemotherapy,deteriorated,Bleeding,

इस बच्ची की मदद को एक चैरिटी ने आगे कदम बढ़ाया है। यह परिवार इतना मजबूर है कि जब बच्ची को दर्द होता था तो उसे स्टेरॉयड की जगह दर्द की दावा देकर काम चला रहा था। लेकिन चंदे के कुछ पैसों से उसके इलाज की प्रक्रिया थोड़ी तेज हुई है लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इस बच्ची के इलाज में अगर कोई कमी रही तो वह बस पैसों को लेकर ही होगी। इस पीड़ित बच्ची के पिता, धन्न कुमार त्रिपुरा, एक दैनिक वेतन मजदूर के रूप में काम करते हैं और प्रति माह लगभग 1,000 रुपए ही कमा पाते हैं।

tripura,cancer,pictures,painkillers,chemotherapy,deteriorated,Bleeding,

धनिका की मां, शशि बाला, एक गृहिणी हैं जो अपने चार बच्चों की देखभाल करने के लिए घर पर ही रहती हैं। बेबस मां का कहना है कि, उसका दर्द और हालत देख मेरा कलेजा छलनी हो जाता है लेकिन हम पैसों से मजबूर हैं। स्वयंसेवा संस्थाओं से कुछ मदद मिलने के बाद पिता का कहना है कि जिन लोगों ने मेरी बेटी की मदद के लिए दान दिया है। मौका पड़ने पर मैं अपनी जिंदगी उन सभी को अपनी जिंदगी भी देने को तैयार हूं।'

Show More
Priya Singh Content Writing
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned