एक ऐसा गांव, जहां कोई नहीं करता धूम्रपान

यहां पर तंबाकू का पूरी तरह निषेध होना अपने आप में बड़ी बात मानी जाती है।

नई दिल्ली। भारत में ऐसा एक गाँव है जहां कोई भी धूम्रपान नहीं करता, जवान हो या बुजुर्ग कोई बीड़ी-सिगरेट, पान-मसाला से दूर ही रहता है। इस बात से इतने हैरान मत होइए इससे ज्यादा हैरान इसके पीछे की वजह है। यह गांव हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा हुआ है इस गाँव का नाम टीकला। यहां की आबादी मात्र 1500 लोगों की है। टीकला गांव भले ही छोटा हो या लोग कम हों लेकिन यहां कई सालों से चली आ रही इस एक परंपरा इस गांव को ऐतिहासिक बना देती है। इस गांव की ख़ास बात यह है कि यहां कोई भी धूम्रपान नहीं करता, चाहे वो बुज़ुर्ग हो कोई जवान। सिर्फ इतना ही नहीं अगर गांव में कोई बाहरी आता है तो उसे भी बीड़ी-सिगरेट का सेवन नहीं दिया जाता है।

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जब कभी कोई अंजान व्यक्ति गांव में आता है तो गांववालों का उससे पहला सवाल यही होता है कि जेब में बीड़ी-सिगरेट, पान-गुटखा तो नहीं है? इसके बाद ही उससे आगे की हाल-चाल ली जाती है। इस नन्हें से गांव को हरियाणा ही नहीं बल्कि राजस्थान के भी कई गांव आदर्श मानते हैं। ग्राम टीकला में तंबाकू का किसी रूप में सेवन ना करने की यह परंपरा आज की नहीं बल्कि कई दशकों की है। आज के समय भारत के कोने-कोने में इस गांव को इसलिए ही पहचाना जाता है कि यहां कोई तंबाकू का सेवन नहीं करता।

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आपको तो पाता ही है यह प्रदेश अपने हुक्का सामाज और पंचायती तौर-तरीके के लिए जाना जाता है। इस प्रदेश के बाकी गांवों में जहां हुक्का की परंपरा है वहीँ टीकला गांव भी जाट बाहुल्य है। लेकिन यहां पर तंबाकू का पूरी तरह निषेध होना अपने आप में बड़ी बात मानी जाती है। गांव के बुजुर्ग लोग कहते हैं कि गांव के युवा पीढ़ियों से धूम्रपान नहीं करने की बात सुनते आ रहे हैं, ऐसे में वो भी इससे दूरी ही बनाए रखते हैं और इसे बुरी आदत मानते हैं।

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Priya Singh Content Writing
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