आसाराम ने बिगाड़ी इन बड़े बाबाओं की कुंडली, सभी पहुंचे सलाखों के पीछे

राम रहीम, रामपाल, वीरेंद्र देव दीक्षित जैसे लाखों अनुयायिओं वाले बाबाओं को सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिली है।

नई दिल्ली। 2013 में आसाराम की गिरफ्तारी के बाद से बाबाओं पर सरकार की कृपा दृष्टि हट सी गई है। जहां आसाराम की गिरफ्तारी से पहले इन बाबाओं को सरकारी तंत्र से भरपूर समर्थन मिलता था, वहीं आसाराम के गुनाहों का पर्दाफाश होने के बाद उनकी दुनिया अंधकारमय हो गई। अब तक कई बड़े बाबा जेल पहुंच चुके हैं। रामपाल, राम रहीम,वीरेंद्र देव दीक्षित जैसे लाखों अनुयायिओं वाले इन बाबाओं को सरकार की तरफ से कोई राहत नहीं मिली है। गौरतलब है कि इन बाबाओं पर दुष्कर्म और हत्या के गंभीर आरोप हैं। ऐसे में भले ही गिरफ्तार होने से पहले इन बाबाओं की सरकार पर मजबूत पकड़ रहीं हो। मगर पकड़े जाने के बाद से अब इनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

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मोदी से थे अच्छे संबंध

2013 में पकड़े जाने से पहले आसाराम की राजनीतिक पकड़ काफी अधिक थी। एक समय था तब गुजरात में सीएम रहे नरेंद्र मोदी उनके आश्रम भी आए थे। मोदी के पीएम बनने के बाद आसाराम को कुछ राहत मिलने की उम्मीद थी। मगर अब तक उन्हें भाजपा की तरफ से कोई समर्थन नहीं मिला है।

सख्त कार्रवाई कर रामपाल को दबोचा

हरियाणा के बाबा रामपाल को पुलिस ने 19 नवंबर 2014 को धरदोबाचा था। उसके आश्रम का पुलिस ने घेराव कर उसे पकड़ा था। उस पर हत्या के कई मामले दर्ज थे। प्रशासन ने सख्त आदेश दिए थे कि उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में बाबा के कई अनुयायी भी मारे गए थे।

राम रहीम पर कड़ी कार्रवाई

रेप का आरोपी राम रहीम के हरियाणा और दिल्ली में लाखों अनुयायी हैं। उनकी ताकत को देखते हुए कई राजनेताओं ने चुनाव के समय उनसे मदद भी मांगी थी। मगर अब जेल में बंद राम रहीम को कोई सुनने वाला नहीं है। एक समय था कि जब खुद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर बाबा राम रहीम के सामने नत्मस्तक रहते थे। हरियाणा में चुनाव के दौरान राम रहीम ने भाजपा को समर्थन देने की बात कही थी। मगर जीतने बाद हरियाणा के सीएम की तरफ उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अनुयायियों के भारी विरोध के बाद भी बाबा को कैद कर कोर्ट के सामने पेश किया गया।

बाबा वीरेंद्र के आश्रम को किया सील

दिल्ली के रोहणी आश्रम में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित पर कई नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के आरोप हैं। इस मामले में भी सरकार ने कोई ढीलाई नहीं बरती है। भगोड़े बाबा की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके आश्रम को सील कर दिया गया है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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