खुलासाः इंसानों के बाद अब जानवरों को प्रभावित कर रहा है प्लास्टिक

खुलासाः इंसानों के बाद अब जानवरों को प्रभावित कर रहा है प्लास्टिक

  • मनुष्य के बाद Plastic Usage Affecting Wildlife
  • Plastic Bag लिए तेंदुए की एक फोटो Social Media पर वायरल
  • Garbage Dumping की वजह से भी जंगलों में पहुंचता है Plastic

नई दिल्ली। प्लास्टिक ( plastic ) के उपयोग ने हमारे पर्यावरण को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसका दुष्प्रभाव पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, लेकिन अब यह खतरा वन्यजीवों ( Plastic Usage Affecting Wildlife ) तक भी पहुंच गया है। जंगलों में रहने वाले जानवर भी इससे अछूते नहीं हैं।

दरअसल, इन दिनों अपने मुंह में पॉलीथिन बैग लिए तेंदुए की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह वायरल तस्वीर वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर चिंता जताती है।

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बता दें कि यह फोटो नैनीताल में जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ( Corbett Tiger Reserve ) के पास ली गई है। फोटो को खास तौर पर पराग मधुकर धकाते नामक यूजर द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है।पराग सोशल मीडिया पर वन संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट मुताबिक, वन अधिकारी ने इस तस्वीर को बहुत ही खतरनाक करार दिया।

वन अधिकारी ने कहा है कि अतीत में ऐसी घटना कभी नहीं हुई है। पर्यावरणविदों और संरक्षणवादियों ने इस मुद्दे पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि मानव हस्तक्षेप से जंगली बस्ती पर प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। इससे भविष्य में मानव-पशु संघर्ष हो सकता है।

जंगलों में कैसे पहुंचता है प्लास्टिक?

 

Lion

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल के किनारों पर कचरा डंपिंग की वजह से आया है। इसमें पीछे की वजह केवल इंसानों की और से डंप किया गया ही नहीं, बल्कि जंगल में लोगों द्वारा किया गया अतिक्रमण भी है, जो इस तरह की स्थिति पैदा कर रहा है।

पर्यावरणविदों का तर्क है कि जब तक सरकार प्लास्टिक प्रतिबंध को लागू करने के लिए सख्त कदम नहीं उठाती, तब तक सुधार की संभावना नहीं है।

इसके अलावा, सरकार अगर वास्तव में संरक्षित वन्यजीवों ( Plastic Usage Affecting Wildlife ) के कल्याण के बारे में चिंतित है तो उसे जंगलों में मानव अतिक्रमण को रोकने की जरूरत है।

देहरादून में पर्यावरणविदों के एक समूह के एक अध्ययन के अनुसार, जंगलों के किनारों पर फेंके गए प्लास्टिक के कचरे के संपर्क में कई जंगली जानवर आए हैं।

हालांकि उत्तराखंड के अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने कचरा डंपिंग से निपटने के लिए गश्त बढ़ा दी है, इस संबंध में थोड़ा सुधार देखा गया है।

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प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग के खिलाफ कानून

plastic ban

बता दें कि कई राज्यों में प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग के खिलाफ कानून बनाए गए हैं।फिर भी पॉलिथीन के बड़े पैमाने पर उपयोग पर अंकुश लगाने में ये कानून नाकाफी साबित हुए हैं।

कानूनों को लागू करने के लिए नौकरशाही हलकों में बहुत कम इच्छा शक्ति दिखती है।इसका नतीजा है कि अब प्लास्टिक जंगलों ( Plastic Usage Affecting Wildlife ) तक पहुंच गई है और वन्यजीवों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

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