Babri demolition verdict : फैसले के बाद आडवाणी बोले, जय श्री राम

बाबरी विध्वंस मामले में बड़ा फैसला (Babri demolition case verdict)

-एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, विनय कटियार सहित सभी 32 लोग बरी

लखनऊ. विवादित ढांचा विध्वंस मामले में 28 वर्ष बाद लखनऊ की विशेष अदालत के फैसले में भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और विनय कटियार समेत कुल 32 लोगों को बरी कर दिया गया है। लालकृष्ण आडवाणी ने अदालत के फैसले से गदगद हैं। उन्होंने कहा, यही हम सभी के लिए खुशी का पल है। लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि बहुत दिनों के बाद अच्छा समाचार मिला है, बस इतना ही कहूंगा कि जय श्री राम..। बुधवार को फैसले के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने उनके घर के बाहर इकट्ठे हुए समर्थकों के लिए मिठाइयां बंटवाई।
उधर भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने अदालत के फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, राम मंदिर आंदोलन एक ऐतिहासिक पल था। मैं तमाम अधिवक्ताओं का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने शुरुआत के दिन से ही हर स्तर पर इस मामले में सही तथ्यों को न्यायलय के सामने रखा। उनके परिश्रम और लोगों की गवाही से ही यह फैसला आया है।
जोशी ने कहा, राम मंदिर आंदोलन एक काफी अहम वक्त था, इसका उद्देश्य देश की मर्यादाओं को सामने रखना था। अब राम मंदिर का निर्माण भी होने जा रहा है, जय जय सिया राम, सबको सन्मति दे भगवान।
घटना के वक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कल्याण सिंह ने भी फैसले का स्वागत किया। सिंह ने गाजियाबाद के अस्पताल में इस फैसले को सुना। ज्ञातव्य है कि मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया और कहा कि ये घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, बल्कि अचानक हुई। ये कहते हुए कोर्ट ने केस के सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है।

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