अब सीबीएसई नहीं कराएगा प्रतियोगी परीक्षाएं, बनाई है ये एजेंसी...

अब सीबीएसई नहीं कराएगा प्रतियोगी परीक्षाएं, बनाई है ये एजेंसी...

इस साल केवल परीक्षाओं की प्रक्रिया को समझेगी ये एजेंसी...

नई दिल्ली। सीबीएसई को यूजीसी की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट), इंजीनियरिंग की ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट), केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं कराने से मुक्ति मिलने वाली है। केंद्र सरकार ने इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) का गठन कर दिया है। हाल ही में इस एजेंसी को 25 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। बोर्ड के पास प्रतियोगी परीक्षाओं के बोझ और हर साल होने वाले विवादों के कारण केंद्र सरकार ने ऐसा किया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस साल आखिरी बार प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराएगा।
सीबीएसई सूत्रों के मुताबिक हालांकि एजेंसी अगले वर्ष से ही परीक्षाएं कराने की स्थिति में आएगी। सीबीएसई करीब 40 लाख छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाएं हर साल कराता है। सीबीएसई सूत्रों के मुताबिक एनटीए के गठन के बावजूद इस साल यूजीसी की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट), इंजीनियरिंग की ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन, नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट), केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) सहित सभी परीक्षाएं सीबीएसई ही कराएगा।
बोर्ड ने इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जल्द ही जेईई मेन और नीट का नोटिफिकेशन भी जारी होने वाला है। एनटीए की कार्यप्रणाली के मुताबिक साल में दो बार प्रतियोगी परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में कराई जानी हैं। इसकी तैयारी में एनटीए को करीब एक साल का समय लग जाएगा।

एनटीए इस साल समझेगी प्रक्रिया
सीबीएसई सूत्रों के अनुसार मुताबिक इस साल सीबीएसई परीक्षाएं कराएगा तो दूसरी ओर एनटीए बतौर ट्रेनी सभी परीक्षाओं की प्रक्रिया को समझेगी ताकि अगले वर्ष देशभर में परीक्षा केंद्रों सहित सभी तैयारियां वक्त रहते की जा सकें।

हो रही थी फजीहत
बता दें, हर साल मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में गड़बड़ियों की वजह से सीबीएसई की फजीहत होती रही है। माना जाता है कि सीबीएसई के पास 10वीं, 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का भी बोझ है। इस वजह से भी परेशानियां आ रही हैं।

बोर्ड के सिलेबस में अगले साल से नया सब्जेक्ट
इससे पहले ये खबर आई थी कि सीबीएसई बोर्ड के सिलेबस में अगले साल से एक और नया सब्जेक्ट जोड़ने वाला है। बोर्ड ने इस संबंध में एनसीईआरटी के साथ पत्राचार भी किया है। जानकारी के मुताबिक सीबीएसई के विद्यार्थी वीरता के प्रतीक 21 परमवीर चक्र विजेताओं की शौर्य गाथा से रूबरू होंगे। परमवीर चक्र विजेताओं की कहानी को सरकार ने युवाओं तक पहुंचाने के लिए विद्या वीरता अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत विश्वविद्यालयों और कालेजों में शौर्य की दीवार बनाई जा रही है। इस दीवार पर सभी परमवीर चक्र विजेताओं की तस्वीरें और उनकी बहादुरी के किस्से लगाए जा रहे हैं। इस क्रम में अब सीबीएसई भी 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को शौर्य गाथा से परिचित कराने जा रहा है। हालाकि यह विषय वैकल्पिक होगा।

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