भारत-अफगानिस्तान के बीच हुए ये समझौते, दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने पाकिस्तान को लपेटा

सुषमा ने पाक को घेरते हुए कहा, सीमा पार से मिल रही आतंक की चुनौतियों से दोनों देश मिलकर लड़ रहे हैं। हम अफगानिस्तान में गेहूं की आपूर्ति शुरू करेेंगे।

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Updated: 11 Sep 2017, 06:00 PM IST

नई दिल्ली: अपने तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी ने सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और सलाहुद्दीन रब्बानी की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए हैं। सुषमा स्वराज और सलाहुद्दीन रब्बानी ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।


विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस दौरान कहा कि भारत हमेशा अफगानिस्तान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को घेरते हुए कहा कि सीमा पार से मिल रही आतंकवाद की चुनौतियों से दोनों देश मिलकर लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ त्रिपक्षीय सहयोग में चाबहार बंदरगाह के विकास में तेजी लाने के लिए आने वाले हफ्तों में हम अफगानिस्तान में गेहूं की आपूर्ति शुरू करेंगे। सुषमा स्वराज ने ऐलान किया कि अफगानिस्तान के 31 प्रांतों में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए 116 नई उच्च प्रभावी विकास परियोजनाओं को संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जाएगा जो कि सामाजिक-आर्थिक और बुनियादी ढांचे को विकसित करेगा।

सुषमा स्वराज की स्पीच के बाद अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाहुद्दीन रब्बानी ने अपने भाषण में कहा कि भारत की तरह अफगानिस्तान भी आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से पीड़ित है। रब्बानी ने कहा कि आतंकवाद हमें और क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरे पैदा करता है। रब्बानी ने भी पाकिस्तान को घेरते हुए उन्होंने कहा कि मुझे ये स्पष्ट रुप से पता है कि भारत या किसी अन्य देश के साथ हमारी दोस्ती अन्य पड़ोसी मुल्कों की तरह दुश्मनी में नहीं बदलेगी। रब्बानी ने कहा कि सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अफगानिस्तान भारत के साथ खड़ा है।

आपको बता दें कि सलाहुद्दीन रब्बानी तीन दिन के भारत दौरे पर हैं। सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मिलने के बाद रब्बानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी और सलाहुद्दीन रब्बानी के बीच ये मुलाकात पीएम आवास पर ही होगी। आज ही शाम साढ़े 4 बजे के आसपास होगी। पीएम मोदी से मिलने के बाद रब्बानी अपने देश के लिए रवाना हो जाएंगे।

आपको बता दें कि भारत पहले से ही अफगानिस्तान में 200 करोड़ रुपये के सहयोग कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। भारत की मदद से अफगानिस्तान में सड़क निर्माण और अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है। भारत में अफगानिस्तान की पुलिस व सैन्य अधिकारियों को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

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