पंजाब में निकाय चुनाव में करारी हार पर बोले कृषि मंत्री, किसान आंदोलन नहीं था मुद्दा

Highlights

  • कहा, म्यूनिसिल कॉर्पोरेशन के चुनाव नतीजों को किसान आंदोलन से जोड़ना ठीक नहीं है।
  • तोमर ने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों पर प्रावधान-दर-प्रावधान चर्चा को तैयार है।

नई दिल्ली। पंजाब के निकाय चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई है। यहां पर कांग्रेस ने क्लीन स्वीप किया है। वहीं भाजपा और अकाली का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। इस परिणाम का जिम्मेदार केंद्र के तीन कृषि कानूनों को ठहराया जा रहा है, जिसे लेकर किसान आंदोलरत हैं। हालांकि इस बात से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्होेंने कहा कि म्यूनिसिल कॉर्पोरेशन के चुनाव नतीजों को किसान आंदोलन से जोड़ना ठीक नहीं है।

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असम से बोले कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने कहा कि 'म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव के नतीजों से किसान आंदोलन को जोड़ना ठीक नहीं है। हमारी पार्टी पंजाब में कमजोर थी और अकाली दल के साथ चुनाव लड़ते रहे हैं। लेकिन इस बार हम अलग से लड़े, इसकी वजह से हमें नुकसान हुआ।' तोमर असम में भाजपा के चुनाव प्रभारी हैं। यहां भाजपा की सरकार है और फिर से सत्ता में आने की चुनौती है।

तोमर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था कि सरकार तीनों कृषि कानूनों पर प्रावधान-दर-प्रावधान चर्चा को तैयार है। तोमर के अनुसार हम प्रदर्शनकारी किसानों से नियमित संपर्क में हैं। भारत सरकार कानूनों पर प्रावधान-दर-प्रावधान चर्चा के लिये तैयार है।' उन्होंने कहा कि वे अब भी किसानों से बातचीत का इच्छुक हैं। हालांकि उन्होंने इस पर बोलने से इनकार कर दिया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत अब कब शुरू होनी है।

Mohit Saxena
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