रजनीकांत के वार पर अन्नाद्रमुक का पलटवार, तमिलनाडु में शराब की बिक्री पर सियासी सरगर्मी तेज

  • सरकार राजस्व में बढ़ोतरी के लिए अन्य वैकल्पिक साधनों पर काम करे
  • AIADMK के नेताओं ने रजनीकांत पर निजी हमला बोला
  • पलानीस्वामी सिनेमाई नहीं बल्कि असली नेता हैं

नई दिल्ली। दक्षिण भारत के सुपरस्टार रजनीकांत ( Superstar Rajnikanth ) ने कोरोना वायरस ( coronavirus ) और लॉकडाउन ( Lockdown ) के बीच तमिलनाडु ( Tamilnadu ) में शराब की दुकानों को दोबारा खोलने के खिलाफ सियासी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सत्तारुढ़ अन्नाद्रमुक ( AIAMDK ) को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि ऐसा हुआ तो पार्टी को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में जीतकर फिर से सत्ता में आने का “सपना” नहीं देखना चाहिए। उन्होंने ट्वीट कर सरकार से राजस्व में बढ़ोतरी के लिए अन्य वैकल्पिक साधनों पर काम करने को भी कहा।

उन्होंने कहा कि मद्रास उच्च न्यायालय ने राज्य में शराब की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए थे जिसके खिलाफ तमिलनाडु सरकार ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

दिग्गज अभिनेता ने ट्वीट में कहा कि अगर सरकार इस मोड़ पर तमिलनाडु राज्य विपणन निगम की शराब की दुकानें खोलती है तो अन्नाद्रमुक को फिर से सत्ता में आने के सपने नहीं देखने चाहिए। उन्होंने अपने ट्विट में सरकार से अपील की है कि कृपया कोष भरने के बेहतर रास्तें ढूंढे।

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मशहूर एक्टर कमल हासन ( Kamal Haasan ) के भारतीय सिनेमा में 60 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए रजनीकांत ( Rajnikanth ) के एक बयान के बाद अन्नाद्रमुक ( AIADMK ) के नेता उनसे नाराज चल रहे हैं।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी पर रजनीकांत के हमले के बाद अन्नाद्रमुक ने पलटवार किया है। अन्नाद्रमुक ने रजनीकांत पर निजी तौर पर हमला बोलते हुए कहा कि आपने बस कंडक्टर के तौर पर अपने करिअर की शुरुआत की थी। अन्नाद्रमुक ( AIADMK ) ने अपनी पार्टी के मुखपत्र नमाधू अम्मा में लिखा है कि रजनीकांत सुपरस्टार बनने के बारे में नहीं सोचा होगा। क्योंकि आपने अपनी जिंदगी बस कंडक्टर के तौर पर शुरू की थी।

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बता दें कि मद्रास उच्च न्यायालय ने Covid-19 दिशानिर्देशों के उल्लंघन होने के आधार पर राज्य में तमाक के संचाहनज दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया था। तमिलनाडु सरकार शनिवार को राजस्व और वाणिज्यिक गतिविधियों में गंभीर नुकसान का तर्क देते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय पहुंची। मद्रास उच्च न्यायालय ने भारी भीड़ और सामाजिक दूरी का उल्लंघन होते देखकर शुक्रवार को राज्य में शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था।

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Dhirendra Reporting
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