NSA अजीत डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा, 5 साल बने रहेंगे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

NSA अजीत डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा, 5 साल बने रहेंगे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

Kaushlendra Pathak | Publish: Jun, 03 2019 02:05:47 PM (IST) | Updated: Jun, 03 2019 06:27:38 PM (IST) इंडिया की अन्‍य खबरें

  • एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक डोभाल की निगरानी में हुई थी
  • देश की रक्षा के लिए सात साल पाकिस्तान में मुसलमान बन कर रहे थे डोभाल
  • कीर्ति चक्र से सम्मानित हैं NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली। मोदी सरकार पार्ट-2 का आगाज होते ही देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ( National Security Advisor ) अजीत डोभाल का प्रमोशन किया गया है। मोदी सरकार ने सोमवार को अहम फैसला लेते हुए आजित डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया है। इसके साथ ही अजित डोभाल अगले पांच सालों तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी बने रहेंगे।

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एयर और सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर चर्चा में रहे थे डोभाल

जानकारी के मुताबिक, अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में उनके अच्छे काम के लिए मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है। उनकी नियुक्ति अगले पांच साल के लिए हुई है। गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर एयर स्ट्राइक अजीत डोभाल की निगरानी में ही हुई थी। उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जानकारी दी थी। डोभाल पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान भी सबसे ज्यादा चर्चा में आए थे।

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सबसे ताकतवार नौकरशाहों में डोभाल की गिनती

NSA अजीत डोभाल की गिनती देश के सबसे ताकतवार नौकरशाहों में होती है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें NSA के अलावा रणनीतिक नीति समूह ( SPG ) का सचिव भी बना दिया गया था। सितंबर, 2016 में पाक अधिकृत कश्मीर ( पीओके ) में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक में भी अजीत डोभाल की काफी अहम भूमिका रही थी। उन्होंने इस मिशन से पहले सेना के तीनों चीफ और खुफिया एजेंसियों के हेड के साथ आखिरी मीटिंग ली थी। मीटिंग में तय हुआ था कि मिशन के तहत LoC के उस पार आठ आतंकी कैंपों पर हमला किया जाएगा।

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ajit doval

सात साल पाकिस्तान में रहे थे डोभाल

अजीत डोभाल की देश की रक्षा के लिए सात सालों तक मुसलमान बनकर पाकिस्तान में रहे थे। इसके लिए उन्हें सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पाने वाले डोभाल देश के पहले अफसर थे। इसके अलावा साल 1989 में अजीत डोभाल ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को निकालने के लिए 'ऑपरेशन ब्लैक थंडर' का नेतृत्व किया था।

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1968 बैच के IPS ऑफिसर हैं डोभाल

गौरतलब है कि अजीत डोभाल 1968 केरल बैच के IPS ऑफिसर हैं। करीब चार साल बाल उनकी नियुक्त आईबी में हुई थी। जानकारी के मुताबिक, डोभाल ने अपने करियर में ज्यादातर समय खुफिया विभाग में ही काम किया है। इतना ही नहीं डोभाल की गिनती पीएम मोदी के करीबियों में होती है।

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