डॉ. हर्षवर्धन बोले- गांव, पहाड़ी, आदिवासी और देश के दूर दराज इलाकों में कोरोना वैक्सीन पहुंचाना चुनौती

HIGHLIGHTS

  • कोविड पर अमिताभ बच्चन के सवालों के सामने आए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन
  • वैक्सीन के वितरण के लिए पिछले तीन माह से हर स्तर पर हो रहा काम

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ( Union Minister Dr. Harsh Vardhan ) ने कहा कि हम पिछले तीन महीने से वैक्सीन ( Corona Vaccine ) के वितरण की तैयारी में जुटे हुए हैं। हमारे लिए गांव, पहाड़ी, आदिवासी और दूर-दराज वाले इलाकों में वैक्सीन पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। कोविड से जुड़े सवालों को लेकर अभिनेता अमिताभ बच्चन ( Bollywood Actor Amitabh Bachchan ) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का इंटरव्यू इंडियन एक्सप्रेस के लिए लिया। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...

अमिताभ : कोरोना महामारी के दौरान के अनुभवों के बारे में आप क्या कहेंगे?

हर्षवर्धन : इससे पहले मैंने पोलियो मुक्त भारत का सपना देखा था और दिल्ली से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उस वक्त जिस तरह से समाजसेवी संस्थाए सामने आईं, उसे देखने के बाद मैं समझ चुका था कि भारत के डीएनए में परोपकार और सेवा-भाव है।

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कोविड के समय में तो इससे ज्यादा हुआ। जब लॉकडाउन में लोग घरों में कैद थे उस वक्त लोगों ने एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। यही नहीं, पक्षी, परिंदे, आवारा कुत्ते, गाय और अन्य जानवरों को खाना खिलाया।

अमिताभ : डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मी जिस तरह सेवा कर रहे हैं, क्या उनके लिए सरकार कुछ करेगी।

हर्षवर्धन: जनता ने अपनी तरफ से कोरोना योद्धाओं को हर तरह का सम्मान दिया है। 22 मार्च को पूरा देश थाली बजाकर, ताली बजाकर देश के कोरोना वॉरियर्स को, डॉक्टर्स को, नर्सेज को, पैरामेडिकोज को सम्मान दिया। चिकित्सा में जुटे कर्मियों को 50 लाख रुपये तक का बीमा किया गया है। 400 से 500 हमारे कोविड वॉरियर्स शहीद हुए हैं उनमें से बहुत सारे के इंश्योरेंस क्लेम सेटल हो चुके हैं। 5 सीट्स एमबीबीएस में इन कोविड वॉरियर्स के बच्चों के लिए घोषित की हैं।

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अमिताभ : कोरोना वैक्सीन कब तक आ जाएगी? देश के हर व्यक्ति तक टीका पहुंचने में कितना वक्त लगेगा?

हर्षवर्धन : अभी तक की जानकारी के हिसाब से 2021 के पहले दो से तीन माह में वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को टीका लगाने की तैयारी है। पहले सरकारी हैल्थ वर्कर, निजी क्षेत्र के, उसके बाद फील्ड में काम करने वाले पुलिस, कॉरपोरेशन के कर्मचारी, पैरामिलिट्री फोर्सेज, आर्मी के जवान शामिल होंगे। इसके बाद बुजुर्ग, फिर 50 से 65 के बीच के लोग होंगे। इसके बाद 50 साल के कम के वे जिन्हें डायबिटीज, हार्ट, किडनी, कैंसर आदि की बीमारी है, उनको वैक्सीन दी जाएगी। यह काम जुलाई-अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

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अमिताभ: कोरोना की वैक्सीन लगाने को लेकर क्या चुनौतियां आ सकती हैं?

हर्षवर्धन : गांव, पहाड़ी क्षेत्रों, आदिवासी क्षेत्रों और देश के दूर दराज के इलाकों में वैक्सीन पहुंचाना एक चुनौती है। इस पर हम पिछले 3 माह से काम कर रहे हैं। 130 करोड़ की जनता तक कोरोना वैक्सीन कैसे पहुंचेगी, कितने रेफ्रिजरेटर्स की जरूरत होगी, कितने और इंसुलेटेड रेफ्रीजरेटर जो वैन्स हैं उनकी और जरूरत होगी, कितने वैक्सीन करियर्स की और जरूरत होगी, कितने करोड़ सीरिंज की जरूरत होगी, कितने हेल्थ वर्कर्स, वैक्सीनेटर्स की जरूरत होगी, कितनी उनके असिस्टेंट की जरूरत होगी। इन सभी पर बहुत तेजी से काम हो रहा है। इस पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निगरानी कर रहे हैं।

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Anil Kumar
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