शारलॉट्सविले हिंसा पर..एप्पल के सीईओ ने खत लिख कर्मचारियों को चुप्पी तोडऩे को कहा

अमरीकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प द्वारा श्वेत श्रेष्ठतावादी और नाजियों के बीच नैतिक समानता बताए जाने पर जताई आपत्ति।

वाशिंगटन। अमरीकी बहुराष्ट्रीय कंपनी एपल के सीईओ टिम कुक ने वर्जीनिया प्रांत स्थित शारलॉट्सविले हिंसा पर अपने कर्मचारियों को एक खत लिखा है। इस खत के जरिए उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उन लोगों से असहमति जताई है, जो मानवाधिकारों के लिए खड़े होकर विरोध करने वाले श्वेत श्रेष्ठतावादी और नाजियों के बीच नैतिक समानता मानते हैं।

 

ट्रंप के विचारों का किया विरोध
एपल के सीईओ ने अपने कर्मचारियेां को लिखे खत में कहा कि मैं राष्ट्रपति और अन्य के विचारों से सहमति नहीं हूं। गौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति ने शारलॉट्सविले में श्वेत और अश्वेतों के बीच हुई इस नस्लीय हिंसा के लिए वामपंथी और दक्षिणपंथी दोनों को ही जिम्मेदार ठहराया है।

 

नफरत को बताया कैंसर
कुक ने कहा कि समानता मेरे विश्वास और मूल्यों के मूल में है। हाल में घटी घटना मुझे कई दिनों से परेशान कर रही है और मैंने सुना है कि आप में से बहुत लोग इसे लेकर दुखी, परेशान और भ्रमित हैं। कुक ने कहा कि नफरत एक कैंसर है और जब यह बेकाबू हो जाती है तो रास्ते में आने वाली सभी चीजों को नष्ट कर देती है। इसके निशान पीढिय़ों तक रहते हैं। इतिहास ने हमें यह बात कई बार सिखाई है।

 

समान व्यवहार और सम्मान पर दिया जोर
कुक ने कर्मचारियेां से कहा कि हमें अपने देश में ऐसे नफरत और कट्टरता को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। यह वामपंथी या दक्षिणपंथी, रूढि़वादी या उदारवादी के बारे में नहीं बल्कि मानव सभ्यता और नैतिकता के बारे में है। उन्होंने कहा कि आपके राजनैतिक विचारों के बावजूद, हमें इस एक बिंदु पर एक साथ एकजुट होना चाहिए कि हम सभी समान हैं। एक कंपनी के रूप में, हम अपने काम, अपने उत्पाद ओर अपनी आवाज के जरिए सभी को यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी के साथ समान रूप से और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए।

 

बदलाव लाने के लिए दिया ये मंत्र
कुक ने डॉ. मार्टिन लूथर किंग के वक्तव्य का उदाहरण देते हुए लोगों को अपनी चुप्पी तोडऩे को कहा। कुक ने कहा कि डॉ. मार्टिन लूथर किंग ने कहा था कि , 'हमारा जीवन उस दिन को समाप्त करना शुरू हो जाता है, जब हम चीजों के बारे में चुप रहते हैं।' इसलिए, हम बात करना जारी रखेंगे। ये अंधकार के दिन हैं लेकिन मैं उज्जवल भविष्य को लेकर आशावादी बना रहूंगा। उन्होंने विश्वास जताया कि एपल इस दिशा में सकरात्मक बदलाव लाने में सकारात्मक और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Madhukar Mishra
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