अब Corona से जंग में नहीं पड़ेगी वेंटिलेटर की जरूरत, Startup कंपनी तैयार किया इसका विकल्प

  • देश में लगातार बढ़ रहा है Coronavirus का संकट
  • Startup Company इस संकट से निपटने के लिए बना रहीं उपयोगी Device
  • Bengaluru की एक कंपनी ने बनाया ऐसा डिवासइ जो बन सकता है Ventilator का विकल्प

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus ) का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 13 लाख के करीब पहुंच गई है। वहीं 29 हजार से ज्यादा लोग अब तक इस घातक महामारी के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं। यही वजह है कि देशभर में अब हर कोई कोविड-19 ( Covid 19 ) जैसी महामारी से निपटने के लिए कोशिशों में जुटा है। देश की स्टार्टअप कंपनियां ( Startup Company ) इस दिशा में जमकर काम कर रही है।

अपनी क्रिएटिविटी के जरिए ये कंपनियां कोरोना से जंग में मददगार साबित होने वाले डिवाइस बनाने में जुटी हैं। कोरोना काल में ऐसे कई डिवाइस इन कंपनियों के जरिए आ भी चुके है जो किसी ना किसी तरह से मददगार साबित हो रहे हैं।

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दरअसल कोरोना संक्रमण में गंभीर मरीजों को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है। ऐसे में इन मरीजों के लिए वेंटिलेटर ( Vantilator ) और ऑक्सीजन किट ( Oxygen Kit ) की बड़ी मात्रा में जरूरत पड़ रही है। अब बेंगलूरु की एक स्टार्टअप कंपनी ने ऐसा डिवाइस तैयार किया है जो वैंटिलेटर का विकल्प साबित हो सकता है। ऐसे में कोरोना से जंग में बड़ी मदद कर सकता है।

कर्नाटक के बेंगलूरु कि एक स्टार्ट अप कंपनी ने कंट्यूनस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर ( CPAP ) मशीन तैयार की है। कंपनी के मुताबिक ये मशीन वेंटिलेटर का विकल्प साबित हो सकती है। COEO लैब्स जल्द इन मशीनें को विक्टोरिया अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में तैनात करेगा।

COEO Lab के नितेश कुमार जांगिड़ के मुताबिक शुरुआत में इस तरह के कुल 50 मशीन बनाई गई हैं। इन सभी मशीनों को एक हफ्ते के अंदर विक्टोरिया अस्पताल में तैनात किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में ऐसे 500 डिवाइस बनाकर बेंगलूरू में अलग अलग अस्पतालों में लगाए जाएं।

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'सांस' रखा है इस डिवाइस का नाम

जांगिड़ ने बताया कि इस डिवाइस का नाम 'सांस' रखा गया है। जिस गति से देश में कोरोना वायरस के केस बढ़ रहे हैं ऐसे में ये डिवाइस काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

आपको बता दें कि अप्रैल महीने में बेंगलुरु की कुछ स्टार्ट अप कंपनियों को सेंटर फॉर सेल्यूलर एंड मोलेक्यूलर प्लेटफॉर्म (C-CAMP) द्वारा चुना गया था। इनका मकसद कोरोना संक्रमण महामारी से लड़ने के लिए नए नए इन्नोवेशन करना है। सांस डिवाइस की खोज भी इसी का एक हिस्सा है।

coronavirus
धीरज शर्मा
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