मेड फॉर इच अदर: पति को मिला धोखा तो पत्नी ने थामी स्टियरिंग और सड़कों पर दौड़ायी बस

मेड फॉर इच अदर: पति को मिला धोखा तो पत्नी ने थामी स्टियरिंग और सड़कों पर दौड़ायी बस

पति-पत्नी का ये जोड़ा पश्चिम बंगाल में रहता है

नई दिल्ली। सदियों से यहीं चलता आ रहा है कि महिलाएं घर के अंदर का काम संभालती है और पुरूष घर के बाहर के कामों को संभालते हैं लेकिन वक्त अब बदल गया है आजकल महिलाएं घर और बाहर दोनों कामों को ही बखूबी संभालती है।

आज भी हम आपको एक ऐसेआदर्श दंपती के बारे में बताएंगे जिन्होंने राह में आई मुश्किलों को एक साथ संभाला और उनकी यहीं बात आज हम में से हर किसी के लिए एक मिसाल है। पति-पत्नी का ये जोड़ा पश्चिम बंगाल में रहता है और ये आपको हावड़ा-निमता रूट में चलने वाली एक मिनी बस में मिल जाएंगे।

Pratima with husband

इस मिनी बस में पति शिवेश्वर पोद्दार कंडक्टरी करते हैं और बस की स्टेयरिंग पत्नी प्रतिमा संभालती हैं। बता दें कि आज से करीब पंद्रह वर्ष पहले शिवेश्वर के साथ प्रतिमा की शादी हुई थी। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण परिवार को सही ढ़ंग से चलाने में काफी दिक्कतें आ रही थी।

उस वक्त शिवेश्वर टैक्सी चलाया करते थे। इसके बाद उसने मेटाडोर चलाना शुरू किया। बाद में कुछ पैसे जुगाड़ कर और कुछ बैंक से लोन लेकर शिवश्वर ने एक मिनी बस खरीदा लेकिन बार-बार ें कंडक्टर के धोखा दे देने के कारण हालत में कोई सुधार नहीं हुई और स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही। कंडक्टर के धोखाधड़ी से तंग आकर शिवेश्वर अपनी पत्नी के कंधे पर कंडक्टरी का बोझ डाल दिया।

प्रतिमा धीरे-धीरे इस काम को बखूबी संभालने लगी और इसी बीच प्रतिमा को बस चलाने का प्रशिक्षण भी अपने पति से मिलने लगा। कुछ दिनों बाद लगातार प्रशिक्षण से प्रतिमा बस चलाने में महारत हासिल कर ली और फिर क्या था स्टियरिंग को उसने अपने हाथों थाम लिया। ये दो पति-पत्नी भोर 4.30 बजे बस लेकर रोड पर निकल आते हैं।

बाहर के काम को कुछ हद तक संभालने के बाद प्रतिमा घर जाती है। अपनी दो बेटियों के लिए दोपहर का खाना बनाती है। वृद्ध सास की भी देखभाल करती है और दोपहर ढ़लते ही फिर बाहर चली जाती है। रात को करीब नौ बजे तक बस चलाने के बाद ये दम्पत्ति वापस अपने घर को लौटते हैं और फिर दूसरे दिन पूरे ज़ोर-शोर से अपनी दैनिक दिनचर्या की शुरूआत करते हैं।

 

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