चंड़ीगढ़ छेड़छाड़: वर्णिका के IAS पिता वीएस कुंडू का तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल

Chandra Prakash

Publish: Sep, 13 2017 02:33:58 (IST)

Miscellenous India
चंड़ीगढ़ छेड़छाड़: वर्णिका के IAS पिता वीएस कुंडू का तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल

चंड़ीगढ़ में IAS की बेटी वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामला एक बार फिर चर्चा में है। वर्णिका के पिता अतिरिक्त मुख्य सचिव वीएस कुंडू का तबादला हो गया है।

नई दिल्ली। पिछले महीने हरियाणा के चंड़ीगढ़ में आईएसएस अधिकारी की बेटी वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामला एक बार फिर चर्चा में है। हरियाणा सरकार ने वर्णिका के पिता अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. एस. कुंडू का तबादला हो गया है। मंगलवार को जारी आदेशानुसार वीएस कुंडू विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है।

कांग्रेस ने कहा- बीजेपी के विरोध की सजा
कांग्रेस ने वर्णिका के पिता वीएस कुंडू के तबादले पर सवाल खड़े किए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्रांसफर की कॉपी शेयर करते हुए लिखा है कि बीजेपी का विरोध करने की सजा वीएस कुंडू को दी जा रही है।

आरोपी विकास की जमानत याचिका खारिज
मंलवार को ही वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में आरोपी विकास बराला की जमानत याचिका फिर खारिज की है। इससे पहले 29 अगस्त को भी कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी। चंडीगढ़ कोर्ट में करीब डेढ़ घंटा हुई बहस के बाद अदालत ने विकास बराला की जमानत याचिका खारिज कर दी।

 

Vikas Barala

नशे में धुत्त बीजेपी अध्यक्ष के बेटे ने की थी छेड़छाड़
बता दें कि 4 और 5 अगस्त 2017 की रात को लगभग 12 बजे चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू की बेटी वर्णिका कुंडू अपनी कार से जा रही थी। तभी कार सवार दो लड़कों ने उसका पीछा किया। दोनों लड़कों ने वर्णिका की कार के आगे अपनी कार लगाकर उसे रोकने की कोशिश की और कार के शीशे पर हाथ मारे। लड़की ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों में से एक हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा विकास बराला और दूसरा उसका दोस्त आशीष था। पुलिस ने उस रात मौके पर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की तो दोनों शराब के नशे में धुत्त थे।

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सरकार की हुई किरकिरी
इसके बाद पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए अस्पताल लेकर आई, लेकिन दोनों ने ब्लड और यूरिन सैंपल देने से मना कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पहले गैर जमानती धाराएं लगाईं, लेकिन बाद में धाराएं बदलकर जमानती कर दीं, जिससे दोनों को जमानत मिल गई। इस घटना का चंडीगढ़ समेत तमाम बड़े शहरों में विरोध हुआ। सरकार ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे और सुभाष बराला पर अपने बेटे को बचाने के आरोप लगे। 9 अगस्त को पुलिस ने दोबारा पूछताछ के लिए दोनों को चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-26 के थाने में बुलाया।


फजीहत के बाद पुलिस ने दिखाई सख्ती
पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ किडनैपिंग की कोशिश की गैर जमानती धाराएं जोड़ीं। डीजीपी तेजिंदर लूथरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है। किसी तरह का पक्षपात नहीं हो रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी विकास बराला और आशीष के खिलाफ किडनैपिंग की कोशिश की गैर जमानती धारा 365 और 511 जोड़ी गईं। दोनों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। 10 अगस्त को दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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