Corona संकट के बीच chandrayaan 2 को लेकर बड़ी जानकारी, चांद के इस हिस्से पर दिखा रोवर प्रज्ञान!

  • chandrayaan 2 को लेकर Shanmuga Subramanian ने दी बड़ी जानकारी
  • 'LRO की नई तस्वीर में चांद की सतह पर दिखा रोवर प्रज्ञान'
  • NASA और ISRO को दी गई जानकारी, पुष्टि का इंतजार

नई दिल्ली। मिशन चंद्रयान 2 ( Chandrayaan 2 ) को एक साल हो चुके हैं। लेकिन, मिशन की गुत्थी अब तक सुलझी नही हैं। विक्रम लैंडर ( Vikram Lander ) और रोवर प्रज्ञान ( Rover Pragyan ) को लेकर अब तक संशय बना हुआ है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि मिशन 90 से 95 प्रतिश तक सफल हो गया था। जबकि कुछ कहना था कि मिशन असफल रहा है। हालांकि, ISRO की ओर से उस पर काम जारी है। लेकिन, संपर्क टूटने के बाद अब तक दोबारा संपर्क नहीं हो सका। हालांकि, शुरुआत में चेन्नई ( Chennai ) के इंजीनियर शनमुगा सुब्रमण्यम ( Shanmuga Subramanian ) ने NASA की तस्वीर देखने के बाद लैंडर विक्रम को चांद की सतह पर ढूंढ लिया था। लेकिन, इसी बीच LRO की नई तस्वीर में सुब्रमण्यम ने रोवर प्रज्ञान को बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि भले ही विक्रम की लैंडिंग सही से न हुई हो। लेकिन, रोवर प्रज्ञान ने चांद की सतह पर कदम रखा था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि इसकी पष्टि ISRO और NASA करेंगे।

एक मीडिया हाउस से बातचीत के दौरान शनमुगा सुब्रमण्यम (Shanmuga Subramanian on Rover Pragyan ) ने बताया कि चार जनवरी को एक तस्वीर ली गई थी। उस तस्वीर को उन्होंने अध्ययन किया है। तस्वीर में चांद की सतह पर कुछ अलग दिखाई दिया है। उन्होंने बताया कि नई तस्वीर में कुछ ऐसी चीजें विक्रम लैंडर (Lander Vikram) से दूर दिखी हैं, जो पहले नहीं था। शनमुगा सुब्रमण्यम का मानना है कि वह कुछ और नहीं बल्कि लैंडर विक्रम के अंदर मौजूद रोवर प्रज्ञान (Rover Pragyan) था। उन्होंने कहा कि मलबे के अलावा पहली बार इस तरह की चीजें दिखी है। उन्होंने बताया कि विक्रम जहां लैंडर चांद के इस हिस्से पर लैंड करने वाला था, वहां रोशनी काफी कम होती है। LRO के द्वारा जब तस्वीर ली गई थी तो सूरज का एंगल अलग था, जिसके कारण रोवर प्रज्ञान दिखाई नहीं दिया। लेकिन, जनवरी महीने में रोशनी पहले से ज्यादा और अच्छी थी। रिफ्लेक्शन के कारण इस बार रोवर प्रज्ञान नजर आ गया। फिलहाल, इसकी जानकारी ISRO औऱ NASA को दी गई है। अब इस मामले पर दोनों संस्थान क्या कहते हैं उसका इंतजार किया जा रहा है।

गौरतलब है कि चांद (Moon) की सतह पर विक्रम की रफ लैंडिंग (Lnading) हुई थी। उन्होंने कहा कि भले ही विक्रम से संपर्क टूट गया हो या फिर बुरी तरह से लैंड हुआ हो। लेकिन, रोवर प्रज्ञान विक्रम के अंदर सुरक्षित रहा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उसमें प्रोग्राम किया गया होगा, बाद में वह विक्रम (Vikram Lander) से बाहर निकलकर कुछ दूर तक गया होगा। उन्होंने कहा कि तस्वीर में रोवर और विक्रम के बीच ट्रैक देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब इन सब बातों की पुष्टि ISRO और NASA ही कर सकते हैं। लेकिन, शनमुगा सुब्रमण्यम की बातों और दावों से रोवर प्रज्ञान को लेकर उम्मीद की नई किरण जगी है।

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