जमानत पर बाहर आए चिदंबरम, आज करेंगे प्रेस कॉन्फेंस

  • SC ने स्पष्ट किया- आदेश केवल जमानत को लेकर
  • इसे चिदंबरम पर चल रहे मामले पर न समझा जाए
  • INX मीडिया केस में गिरफ्तर किए गए थे चिदंबरम

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश जमानत को लेकर है, इसे चिदंबरम पर चल रहे मामले पर न समझा जाए। मामले के तथ्यों का विश्लेषण सुनवाई के दौरान होगा। अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो सजा दी जाएगी। साथ ही साफ किया कि वह ईडी की ओर से प्रस्तुत सीलबंद दस्तावेजों को खोलने में रुचि नहीं रखती थी, लेकिन चूंकि हाईकोर्ट ने इन्हें देखा है, ऐसे में उसके लिए भी इन्हें देखना जरूरी हो जाता है। कोर्ट ने सभी दस्तावेजों को सील करके ईडी को लौटाने के निर्देश दिए। वहीं, जेल से निकले चिदंबरम गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टचार मामले में जेल में थे

बता दें, चिदंबरम के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 को केस दर्ज किया था। उन पर आरोप था कि 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेशों से मिली 305 करोड़ रुपए की फंडिंग के दौरान विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड से क्लीयरेंस में अनियमितताएं बरती गईं। उस समय चिदंबरम वित्त मंत्री थे। ईडी ने इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में केस दर्ज किया था।

ईडी की ओर से दर्ज मामले में हिरासत में थे

इसी साल 21 अगस्त को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। तब से वे हिरासत में थे। 16 अक्तूबर को ईडी ने उन्हें काला धन सफेद करने के मामले में गिरफ्तार किया। छह दिन बाद 22 अक्तूबर को सीबीआई की ओर से दर्ज किए गए मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी थी। ईडी की ओर से दर्ज मामले में वे हिरासत में रखे गए।

कार्तिक बोले- 106 दिनों बाद मिली राहत

पी चिदंबरम की तिहाड़ जेल से बाहर आते हुए तस्वीरें रीट्वीट करते हुए चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा कि 106 दिनों बाद राहत मिली है। साथ ही जानकारी दी कि बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पी चिदंबरम संसद में होंगे। एक मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास साक्ष्य हैं तो उन्हें कोर्ट को पेश करे या हमारे सामने रखे। उन्हें सीलबंद रखने का नाटक न करे। वे कोर्ट ट्रायल के लिए तैयार हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा- पहले ही दे दी जानी चाहिए थी जमानत

मिलिंद देवड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरुर ने कहा कि चिदंबरम को बेल बहुत पहले दे दी जानी चाहिए थी। देरी से मिला न्याय, अन्याय जैसा होता है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने राहुल ट्वीट को रीट्वीट किया। अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा के उपनेता आनंद शर्मा ने बदले की राजनीति को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।

कांग्रेस का ट्वीट- सत्य की जीत हुई

कांग्रेस पार्टी ने चिदंबरम की जमानत के बाद ट्वीट में लिखा कि- ‘अंतत: सत्य की जीत हुई, सत्यमेवजयते।’ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लिखा ‘चिदंबरम को 106 दिन जेल में रखना बदला लेने और दंड देने जैसा था। खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बेल दे दी। मुझे विश्वास है कि निष्पक्ष सुनवाई में वे अपने को निर्दोष साबित कर पाएंगे।’ उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट के निर्णय को संतुलित और मानव अधिकारों के अनुरूप बताया। साथ ही इसे ‘लंबी सुरंग के बाद नजर आई रोशनी’ जैसा भी कहा।

भाजपा ने बताया 'भ्रष्टाचार का उत्सव'

भाजपा ने चिदंबरम की जमानत पर कांग्रेस पार्टी से आई प्रतिक्रियाओं को ‘भ्रष्टाचार का उत्सव’ बताया। पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा ‘अंतत: चिदंबरम भी ओओबीसी (आउट ऑन बेल क्लब) में शामिल हो गए। इसके सदस्यों में सोनिया, राहुल गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, मोतीलाल वोरा, भूपिंदर हुड्डा, शशि थरूर आदि शामिल हैं।

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Navyavesh Navrahi
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