कांग्रेस नेता ने पूछा, क्या कोरोना वायरस चीन का बनाया जैविक हथियार है?

  • चीनी शहर वुहान ( Wuhan ) कोविड 19 वायरस ( Covid-19 Virus ) के प्रसार का केंद्र है
  • अभी तक इस वायरस ( Coronavirus ) के संक्रमण से चीन में 1765 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

नई दिल्ली। जानलेवा कोरोना वायरस ( Coronavirus ) की वजह से चीन समेत दुनिायभर में हाहाकार मचा हुआ है। अकेले चीन में अब तक इस वायरस की चपेट में आने से 1800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 हजार से अधिक लोग संक्रमित हैं।

इस वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है और हर दिन मरने वालों की संख्या के साथ संक्रमितों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में इसे रोकना चीनी सरकार समेत पूरी दुनिया के लिए एक चुनौती बन गई है।

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इन सबके बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जो बहुत ही हैरान करने वाला है। दरअसल, कांग्रेस के दिग्गज नेता मनीष तिवारी ने कोरोना वायरस को लेकर एक सवाल पूछा है और आशंका जाहिर की है कि ये चीन की साजिश हो सकता है। उन्होंने पूछा है कि क्या यह चीन द्वारा बनाया गया एक जैविक हथियार है?

इस बाबत उन्होंने एक किताब के एक पन्ने के कुछ हिस्से को अंडरलाइन करते हुए ट्वीट किया है और इसे पूरा पढ़ने की भी बात कही। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा 'कोरोना वायरस एक जैविक हथियार है जिसे चीन ने वुहान- 400 नाम से विकसित किया है? यह पुस्तक 1981 में प्रकाशित हुई थी। इसका अंश पढ़िए।'

'द आइज ऑफ डार्कनेस' में कोरोना वायरस का जिक्र!

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कोरोना वायरस के मामलों को लेकर चल रही कॉन्सपिरेसी थ्योरी से मिलती-जुलती बात का दावा किया है। इस थ्योरी में दबी जुबान में ही दावा किया जा रहा है जानलेवा भयावाह वायरस चीनी शहर वुहान के एक लैब में बनाया गया है। हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। बता दें कि ये वायरस वुहान शहर से ही फैलना शुरू हुआ था।

मनीष तिवारी ने लोगों से 'द आइज ऑफ डार्कनेस' ( The Eyes of Darkness ) नाम का एक थ्रिलर नॉवेल पढ़ने को कहा है। इस किताब के लेखक डीन कूंट्ज ( Dean Koontz ) हैं। इसमें एक चीनी मिलिट्री लैब की कहानी बताई गई है, जो कि अपने जैविक हथियार कार्यक्रम के तहत एक वायरस का निर्माण करती है।

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तिवारी ने किताब की एक तस्वीर भी ट्वीट की है, जिसमें वैज्ञानिक का नाम और किताब की कुछ लाइनों पर निशान लगाया गया है। जिन लाइनों को अंडरलाइन किया गया है उनमें लिखा है 'वे इस सामग्री को वुहान-400 कहते हैं क्योंकि इसे वुहान शहर के बाहर उनकी RDNA लैब में बनाया गया है और यह उस रिसर्च सेंटर में बना मानव निर्मित सूक्ष्मजीवों का चार सौवां भाग है।' हालांकि ट्विटर पर एक यूजर ने उस किताब के नए वर्जन को भी ट्वीट किया है।

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