गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

prashant jha

Publish: Oct, 12 2017 08:23:07 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2017 12:55:29 AM (IST)

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गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं होने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

चुनाव आयोग ने कहा कि मोदी के गुजरात दौरे से गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीख का कोई सरोकार नहीं है।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग की ओर से गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं करने पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे को अड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि चुनाव आयोग पर मोदी सरकार ने दबाव डाला है। जिस वजह से वहां के विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि गुजरात में चुनाव आचार संहिता की घोषणा इसलिए नहीं की गई है क्योंकि नरेंद्र मोदी 16 अक्टूबर को लुभावने जुमले देने वहाँ जा रहे हैं। लेकिन, गुजरात की जनता ने बीजेपी को साफ करने का मन बना ली है।

चुनाव आयोग ने आरोपों को खारिज किया

हालांकि मुख्य चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोप को खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने कहा कि मोदी के गुजरात दौरे से गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीख का कोई सरोकार नहीं है। मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने कहा कि दोनों प्रदेशों की मतगणना एक ही दिन होगी। यानी 18 दिसंबर को दोनों राज्यों की मतगणना होगी।

हिमाचल में 9 नवंबर को चुनाव
हालांकि ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान गुरुवार को किया जाएगा। लेकिन चुनाव आयोग ने केवल हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव की घोषणा की। हिमाचल में 9 नवंबर को वोटिंग और 18 दिसंबर को मतगणना होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि राज्य के मुख्य सचिव से आयोग को पत्र मिला है, जिसमें कहा गया है कि जुलाई में आई बाढ़ के चलते कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य चल रहा है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आयोग को वीवीपैट (VVPAT) की उपलब्धता भी सुनिश्चित करनी है।

चुनाव नतीजे होंगे प्रभावित
कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने चुनाव आयोग के फैसले पर हैरानी जताई और कहा कि आयोग का निर्णय समझ से परे हैं। अगर गुजरात में चुनाव में देरी होगी तो सत्ता में जो पार्टी है उसे जनता को लुभाने के लिए आधारहीन और गैरजरूरी लोकलुभावन घोषणाएं करने का वक्त मिल जाएगा जो चुनाव नतीजों को प्रभावित कर सकता है।

बीजेपी प्रवक्ता ने किया बचाव
हालांकि बीजेपी प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने चुनाव आयोग के फैसले पर कहा कि दोनों राज्यों के चुनाव एक साथ घोषित नहीं हो सकते । क्योंकि हिमाचल विधानसभा का सत्र 7 जनवरी को औऱ गुजरात का 21 जनवरी को खत्म हो रहा। उन्होंने कहा कि जहां तक बात लोकलुभावन घोषणाएं की है तो उसके लिए सरकार अंतिम दिनों का इंतजार नहीं करती । पहले भी घोषणा कर सकती है।

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