Coronavirus: SC ने दिए Free जांच के आदेश, प्राइवेट लैब ने कहा- खर्च को कौन करेगा कवर?

  • देश में तेजी से फैल रहा है कोरोना वायरस ( coronavirus ) का संक्रमण
  • सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने प्राइवेट लैब ( Private Lab ) को फ्री में जांच करने के दिए आदेश
  • प्राइवेट लैब ने पूछा- कौन उठाएगा जांच का खर्च?

नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) को लेकर पूरी दुनिया में खौफ बढ़ता जा रहा है। 15 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 70 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, भारत ( coronavirus in india ) में भी यह वायरस काफी तेजी से फैलता जा रहा है। देश में 6 हजार से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 199 लोगों की मौत हो चुकी है। ICMR का कहना है कि देश में अब तक करीब एक लाख 30 हजार लोगों का टेस्ट किया गया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने आदेश दिया है कि सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट लैब में भी कोरोना टेस्ट फ्री किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद प्राइवेट लैब की मुश्किलें बढ़ गई है। कोरोना का टेस्ट करने वाले प्राइवेट लैब जानना चाहते है कि अगर हम फ्री में जांच करते हैं, तो इसका खर्च कौन उठाएगा?

दरअसल, केन्द्र सरकार ने पहले आदेश जारी कर कोरोना टेस्ट का प्राइस 4500 रुपए फिक्स किया था। यह प्राइस प्राइवेट लैब पर लागू किए गए थे। देश के कुल 12 राज्यों में 65 प्राइवेट लैब को कोरोना टेस्ट करने की इजाजत दी गई है। इनमें 14 महाराष्ट्र, तेलंगाना में 10, तमिलनाडु के 9 लैब शामिल हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब प्राइवेट लैब का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद हम पहले से ही 4500 रुपए में कोरोना की जांच कर रहे हैं और अब फ्री में जांच करने का आदेश। इसके बारे में सोचने की जरूरत है। डॉक्टर डैंग्स लैब के CEO डॉक्टर अर्जुन डैंग का कहना है कि हमें उम्मीद है कि सरकार तौर-तरीके के साथ आएगी ताकि प्राइवेट लैब में परीक्षण लगातार हो सके।

वहीं, डॉक्टर लालपैथ लैब के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर अरविंद लाल का कहना है कि वे सरकार से बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम एक समाधान खोजना चाहते हैं। सरकार ने इस कीमत को मंजूरी दी थी। लेकिन एब बार फिर हम इस विषय पर सरकार के साथ चर्चा कर रहे हैं। दरअसल, प्राइवेट लैब वाले यह जानना चाह रहे हैं कि अगर फ्री में जांच किया जो उसका खर्च कौन उठाएगा?

क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने?

दरअसर, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि सरकार के साथ साथ निजी अस्पताल और लैब में करोना की मुफ्त जांच होगी। फिलहाल निजी लैब में इसकी कीमत 4500 रुपए है। सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि गरीब आदमी इतना पैसा खर्च नहीं कर सकता इसलिए मुफ्त जांच होनी चाहिए। सरकारी अस्पताल में हर किसी कि जांच हो पाए ये इतना आसान नहीं है। सरकारी अस्पताल में भीड़ के कारण लोगों को निजी अस्पताल भी जाना पड़ रहा है। यानी अगर किसी एक व्यक्ति को करोना संदिग्ध पाया गया और उसके परिवार में चार लोग है तो निजी अस्पताल में सिर्फ जांच का खर्च 18 हजार रुपये आएगा। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी जगह मुफ्त जांच के आदेश दिए हैं।

Kaushlendra Pathak Content
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