दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन! 200 मरीजों में संक्रमण का कोई रिकॉर्ड ही नहीं

  • देश में काफी तेजी से बढ़ रहा है कोरोना वायरस ( coronavirus )
  • दिल्ली ( Delhi ) में कम्युनिटी ट्रांसमिशन ( Community Transmission ) के संकेत
  • स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

नई दिल्ली। चीन ( China ) के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ( coronavirus ) का संक्रमण पूरी दुनिया में काफी तेजी से फैलता जा रहा है। भारत ( Coronavirus in india ) में भी इस वायरस का कोहराम लगातार जारी है। देश में 11 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की गिरफ्त में हैं, जबकि 480 लोगों की मौत हो गई है। इस महामारी से लड़ने के लिए देश में 24 अप्रैल की रात्रि से लॉकडाउन ( Lockdown ) जारी है, जो अगामी तीन मई तक चलेगा। इसके बावजूद कोरोना वायरस अपना पैर पसारता जा रहा है। दिल्ली ( Delhi ) और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना वायरस का असर है। लेकिन, देश की राष्ट्रीय राजधानी को लेकर ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सबको चौंका दिया है।

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दिल्ली में 1707 लोग इस वायरस की चपेट में हैं। 42 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 1,080 तबलीगी जमात से हैं। 353 ऐसे मामले हैं जो कि कहीं न कहीं कोरोना पॉजिटिव मरीज के संक्रमण में आए और फिर वो भी संक्रमित हो गए लेकिन 191 मामलों का अभी तक कोई स्रोत नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को जांच के बाद 56 नए मामले मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अब इन 191 पॉजिटिव केस की चेन खंगाल रहे हैं। आखिरकार इन लोगों तक संक्रमण कैसे पहुंचा। अगर ये लोग कहीं गए नहीं, किसी से मिले नहीं, कोई भी बाहरी यात्रा का विवरण नहीं तो फिर ये लोग संक्रमित कैसे हुए। स्वास्थ्य अधिकारी इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, 191 पॉजिटिव मामलों में अभी तक स्वास्थ्य अधिकारियों को यह जानकारी नहीं है कि इनमें कोरोना वायरस कैसे, कब और कहां से पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि इसकी संख्या बहुत बड़ी नहीं है। हमें नियमित रूप से उन्हें ट्रैक करना होगा। हमें संदेह है कि इनमें से कुछ लोग पूरा विवरण साझा करने के इच्छुक नहीं हैं या पिछले दो सप्ताह में उन स्थानों को भूल गए हैं। ऐसी आंशका जताई जा रही है कि कहीं दिल्ली में कोरोना तीसरे स्टेज यानी उसका कम्युनिट ट्रांसमिशन तो नहीं हो रहा है। एक स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि अगर यहां कम्यूनिटी से वायरस फैलता है तो ये एक बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने कहाकि हम ट्रांसमिशन के स्रोत को ट्रैक करने के लिए अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं। इन लोगों से हमारी टीम हर दिन संपर्क कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि उनके जवाबों में कोई फेरबदल है या नहीं।

पांच सदस्यीय कोरोना पैनल के प्रमुख डॉ एसके सरीन का कहना है कि यह संख्या बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जब संक्रमण रोकने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं, तो कई लोग बिना उनकी जानकारी के संक्रमित हो जाते हैं। वो नहीं जानते कि क्या वे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ बैठे हैं जो कोरोना से संक्रमित हैं? लेकिन, जांच होने पर वह कोरोना पॉजिटिव पाए जाते हैं। आलम ये है कि इस खबर ने स्वास्थ्य विभाग की चिंदा बढ़ा दी है और जल्द से जल्द इनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, अगर दिल्ली में कम्युनिटी ट्रांसमिशन होता है तो देश की राष्ट्रीय राजधानी के लिए यह अच्छा संकेत नहीं है।

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